जालंधर , अगस्त 27 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को राज्य पुलिस में भर्ती हुए 1,746 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में पुलिस बल में 13,092 कर्मियों की भर्ती की है, जबकि 3,298 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।

फिल्लौर के पीएपी ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कांस्टेबलों को बधाई देते हुए उन्हें ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक 70,840 युवाओं को 'नो कैश, नो फरमाइश' के सिद्धांत पर पूरी तरह मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं।

श्री मान ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य के साथ-साथ देश की भी सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि वह पड़ोसी देश के साथ लगी 532 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पंजाब की शांति और देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए हमेशा समर्पण के साथ जिम्मेदारी निभायी है।

मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ सरकार के अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब ने नशे की समस्या से गंभीर नुकसान झेला है, लेकिन अब 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के तहत निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 500 से अधिक दिनों में 70 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है तथा नशा तस्करी से जुड़े लोगों की संपत्तियों को जब्त और ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने नवनियुक्त पुलिस कर्मियों से नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की और कहा कि पुलिस को जांच, विज्ञान तथा तकनीक के क्षेत्र में लगातार आधुनिक बनाया जा रहा है।

श्री मान ने बताया कि पंजाब पुलिस में 1,600 नये जिला कैडर पद स्वीकृत किये गये हैं। इनमें 150 इंस्पेक्टर, 450 सब-इंस्पेक्टर और 1,000 सहायक सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं। इन पदों को विभागीय पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा, जिससे मौजूदा पुलिस कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 से अब तक पुलिस बल में 15 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र जारी कियेजा चुके हैं। पुलिस कर्मियों को आधुनिक वाहन और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जा रही हैं। सड़क सुरक्षा के संबंध में मान ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जिसने समर्पित 'सड़क सुरक्षा फोर्स' (एसएसएफ ) गठित की है। लगभग 4,200 किलोमीटर दुर्घटना संभावित राजमार्गों पर तैनात इस फोर्स में प्रशिक्षित युवाओं के साथ युवतियों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि एसएसएफ के गठन के बाद सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 52.87 प्रतिशत की कमी आयी है।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों से कहा कि वे जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दें और जरूरतमंद तथा वंचित वर्गों की मदद के लिए अपने पद और अधिकार का इस्तेमाल करें। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, डीजीपी गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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