चंडीगढ़ , अप्रैल 09 -- पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और आपपंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ गुरुवार को 'मिशन समर्थ 4.0' लॉन्च किया।
यह एक प्रमुख बुनियादी शिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य शिक्षा में वैश्विक उत्कृष्टता हासिल करना है। इस नए चरण में राज्यव्यापी 'अटेंडेंस ट्रैकिंग सिस्टम' (उपस्थिति ट्रैकिंग प्रणाली) शुरू की गयी है, जिसके तहत अभिभावकों को उनके बच्चे की उपस्थिति पर दैनिक एसएमएस अलर्ट प्राप्त होंगे।
शिक्षा मंत्री ने इसे पंजाब की शिक्षा क्रांति की अगली बड़ी छलांग घोषित करते हुए कहा कि पंजाब, जो पहले से ही परख सर्वेक्षण में नंबर एक पर है, अब क्लासरूम जवाबदेही को मजबूत करके परिणामों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षा बजट बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे बुनियादी ढांचे से लेकर सीखने के परिणामों तक दृश्यमान परिवर्तन आ रहा है।
शिक्षा मंत्री ने मिशन समर्थ 2026-27 के तहत उपस्थिति प्रणाली का विवरण साझा करते हुए कहा कि अभिभावकों को बच्चे की अनुपस्थिति पर दैनिक एसएमएस सूचना मिलेगी। यदि कोई बच्चा सात दिनों तक अनुपस्थित रहता है, तो जिला स्तर पर अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा। पन्द्रह दिनों से अधिक की अनुपस्थिति को राज्य मुख्यालय (स्टेट हेडक्वार्टर) को रिपोर्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा, " पहले कोई भी विधायक शिक्षा मंत्री नहीं बनना चाहता था, लेकिन मेरे लिए यह 'ड्रीम जॉब' है। पिछली सरकारों में शिक्षकों को झाड़ू खरीदने या शौचालय की मरम्मत के लिए चंदा इकट्ठा करना पड़ता था, लेकिन आज स्कूलों के पास पर्याप्त फंड है।"श्री बैंस ने बताया कि 500 से अधिक छात्रों वाले हर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अब एक समर्पित कैंपस मैनेजर है। सौ से अधिक छात्रों वाले स्कूलों को सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारी दिये गये हैं। इस साल एक अप्रैल को हर बच्चे के पास मुफ्त पाठ्यपुस्तकें पहुंच गयीं, जो पहले सितंबर-अक्टूबर तक नहीं पहुंचती थीं। कक्षा तीन में बुनियादी शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय औसत से 18 प्रतिशत और कक्षा 6 में 26-28 प्रतिशत बेहतर है।
इस अवसर पर 'मिशन समर्थ कंपेंडियम' जारी की गयी, जिसमें पंजाब के शिक्षकों द्वारा विकसित 38 सफल क्लासरूम अभ्यासों का विवरण है। मिशन समर्थ वर्तमान में लगभग 12 लाख छात्रों और 70,000 शिक्षकों को कवर करने वाला भारत का सबसे बड़ा बुनियादी शिक्षण कार्यक्रम बन गया है।
श्री सिसोदिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, "पंजाब ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल देश का नेतृत्व कर सकते हैं। सरकार का कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा 'बॉटम लाइन' (न्यूनतम स्तर) से नीचे न रहे। बच्चा कोई आंकड़ा नहीं, बल्कि एक उम्मीद है।"उन्होंने कहा कि एक अभिभावक को मिलने वाला यह छोटा सा संदेश कि 'आपका बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुंच गया है', हजारों बड़ी घोषणाओं से अधिक मूल्यवान है।
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