लुधियाना , जून 27 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य को नशा मुक्त बनाने की मुहिम को नया आयाम देते हुए शनिवार को 'सूरमा' अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर दो वर्ष से अधिक समय से नशामुक्त जीवन जी रहे युवाओं को विशेष 'सूरमा' रिंग और टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये युवा अब समाज में 'आशा के दूत' बनकर अन्य युवाओं को नशे से बाहर निकालने के लिए प्रेरित करेंगे तथा सरकार उन्हें रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून के सहारे नहीं जीती जा सकती, बल्कि समाज की भागीदारी और पुनर्वास भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने नशे की लत पर विजय प्राप्त की है, अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनेंगे। उन्होंने घोषणा की कि 15 जुलाई तक राज्य के 3,100 गांवों में खेल मैदान और 3,000 जिम शुरू कर दिये जाएंगे, ताकि युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर मोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, खेलों को बढ़ावा और नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार मिलकर रंगला पंजाब के निर्माण की मजबूत नींव रख रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की लत से बाहर निकलने वाले युवाओं ने सामाजिक तिरस्कार और कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए नयी जिंदगी शुरू की है। अब उनके अनुभव अन्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्यभर में आधुनिक सुविधाओं से लैस अत्याधुनिक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब आज शिक्षा के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और शिक्षा ही गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि राज्य में मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत लाखों परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कार्ड जारी किये जा चुके हैं और लाभार्थियों को करोड़ों रुपये का कैशलेस इलाज मिल चुका है। इसके अलावा किसानों को दिन के समय बिजली, सिंचाई के लिए नहरी पानी, सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) के जरिए सड़क दुर्घटनाओं में कमी तथा अधिकांश परिवारों को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नशा मुक्ति उपचार पूरा कर चुके और कम से कम दो वर्षों से नशामुक्त जीवन जी रहे व्यक्ति 9779142200 पर व्हाट्सएप के माध्यम से 'सूरमा' संदेश भेजकर इस अभियान से जुड़ सकते हैं। चयनित लोगों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें समुदाय में नशा विरोधी अभियान का प्रतिनिधि बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी, वहीं नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान का दूसरा चरण समाज की भागीदारी के साथ नशामुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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