चंडीगढ़ , अक्टूबर 23 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य में नहरी सिंचाई का दायरा बढ़ने से करीब 80 प्रतिशत कृषि भूमि तक नहरी पानी पहुंच रहा है और भूजल स्तर में चार मीटर की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक 14,000 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन बिछा चुकी है और सिंचाई नेटवर्क के विस्तार के लिए 6,000 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

पंजाब विधानसभा में चर्चा के दौरान श्री मान ने कहा कि वर्ष 2022 में नहरी पानी के उपयोग का स्तर करीब 22 प्रतिशत था,जो अब बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। उनके मुताबिक, इस समय करीब 18,000 क्यूसेक नहरी पानी खेतों तक पहुंच रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ ऐसे गांवों तक भी नहरी पानी पहुंचा है, जहां किसानों ने दशकों से अपने खेतों में इसका प्रवाह नहीं देखा था।

मुख्यमंत्री ने नहरी पानी को फसलों के लिए 'देसी घी' बताते हुए कहा कि इससे किसानों की भूजल पर निर्भरता घटेगी और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से गिरते भूजल स्तर के कारण किसानों को सिंचाई के लिए लगातार गहरे बोरवेल खोदने पड़ रहे थे, लेकिन नहरी सिंचाई का विस्तार इस स्थिति को बदलने में मदद कर सकता है।

श्री मान ने दावा किया कि केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, नहरी सिंचाई बढ़ाने के प्रयासों से पंजाब में भूजल स्तर चार मीटर ऊपर आया है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पानी वितरण के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है, वहां से भी भूजल स्तर में सुधार की खबरें मिली हैं। उनके अनुसार, पहले भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण संकटग्रस्त श्रेणी में आने वाले कुछ क्षेत्रों में भी सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरी पानी मिलने वाले क्षेत्रों में इस खरीफ सीजन धान की पैदावार करीब 90 मन प्रति एकड़ तक पहुंचने की खबरें हैं। उन्होंने फसलवार उत्पादकता के आंकड़ों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण और सत्यापन करने की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि सिंचाई विस्तार के वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सके।

श्री मान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उपलब्ध नहरी पानी का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करना और हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाना है। अतिरिक्त 6,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने से उन क्षेत्रों के किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो दशकों से पर्याप्त नहरी पानी की आपूर्ति से वंचित रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा के सत्र का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि पंजाब ने कथित तौर पर अलोकतांत्रिक और दमनकारी कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर देश में पहल की है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों, लोकतंत्र और राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए काम करती रहेगी।

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