जालंधर , नवंबर 02 -- नीदरलैंड के दिग्गज हॉकी खिलाड़ी और ओलंपिक एवं विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता फ्लोरिस जान बोवेलैंडर ने सोमवार को कहा है कि पंजाब के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने भारतीय हॉकी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल को लोकप्रिय बनाने में योगदान की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निमंत्रण पर हीरो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी देखने जालंधर पहुंचे बोवेलैंडर ने कहा कि मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत निमंत्रण उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि इस साल अप्रैल में नीदरलैंड दौरे के दौरान श्री मान से उनकी मुलाकात हुई थी। मुख्यमंत्री के हॉकी के प्रति लगाव को देखते हुए उन्होंने जालंधर आने का फैसला किया। ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में चल रहे टूर्नामेंट के दौरान बातचीत में बोवेलैंडर ने कहा कि भारत विश्व हॉकी की प्रमुख ताकत रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान सहित एशियाई देशों ने ओलंपिक आंदोलन तथा हॉकी को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
नीदरलैंड के लिए अक्टूबर 1985 से अगस्त 1996 तक अंतरराष्ट्रीय हॉकी खेलने वाले बोवेलैंडर ने 241 मैचों में 215 गोल किए। वह 1990 के विश्व कप और 1996 के अटलांटा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली डच टीम का हिस्सा रहे। ड्रैग फ्लिक के लिए मशहूर बोवेलैंडर ने कहा कि भारतीय हॉकी से जुड़ी उनकी अधिकांश यादें पंजाब के खिलाड़ियों, खासकर सिख खिलाड़ियों से संबंधित हैं।
अपने दौरे के दौरान उन्होंने पंजाब के 37 हॉकी प्रशिक्षकों और सुरजीत हॉकी अकादमी के युवा खिलाड़ियों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण सत्र में हिस्सा लिया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को ड्रैग फ्लिक का अभ्यास करवाया और अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर तकनीकी सुझाव दिए।
इस दौरान खेल विभाग के अधिकारी एवं ओलंपियन गुरजंत सिंह, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता जीवनजोत सिंह तेजा और हॉकी प्रशिक्षक अवतार सिंह भी मौजूद रहे। पंजाब खेल विभाग ने हॉकी में उनके योगदान के लिए बोवेलैंडर को सम्मानित किया। बोवेलैंडर ने कहा कि वह चार और पांच नवंबर को मोहाली में होने वाले टूर्नामेंट के अगले चरण में भी शामिल होने का प्रयास करेंगे। वहां ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में मुकाबले खेले जाएंगे।
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