लुधियाना , जून 12 -- गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (गडवासू), लुधियाना को पशुपालकों के लिए अत्याधुनिक मोबाइल फीड एवं दूध परीक्षण प्रयोगशाला (एमएफएमएल) स्थापित करने के लिए केमिन इंडस्ट्रीज साउथ एशिया से 1.55 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई है।
इस परियोजना के तहत पंजाब भर के पशुपालकों को मुफ्त फीड एवं दूध परीक्षण तथा संतुलित आहार (रेशन) तैयार करने संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जे.पी.एस. गिल ने शुक्रवार को परियोजना टीम को बधाई देते हुए इसे डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के अनेक पशुपालकों को वैज्ञानिक फीड और दूध परीक्षण सुविधाओं तक पर्याप्त पहुंच नहीं मिल पाती, जिसके कारण उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होती है। मोबाइल प्रयोगशाला इस कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ गिल ने कहा कि यह परियोजना वेटरनरी यूनिवर्सिटी और केमिन इंडस्ट्रीज की साझा सोच को आगे बढ़ाती है, जिसका उद्देश्य तकनीक आधारित सेवाओं के माध्यम से पशुधन उत्पादकता बढ़ाना, दूध की गुणवत्ता में सुधार करना, पशु आहार की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। परियोजना के मुख्य अन्वेषक एवं पशु पोषण विभाग के प्रमुख डॉ. जे.एस. हुंडल ने बताया कि इस योजना के तहत एक पूरी तरह सुसज्जित 'लैब ऑन व्हील्स' स्थापित की जाएगी। यह मोबाइल प्रयोगशाला पशु आहार, हरे चारे, साइलेज, अफ्लाटॉक्सिन तथा दूध की जांच करने में सक्षम होगी। उन्होंने बताया कि यह प्रयोगशाला पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों और डेयरी केंद्रों में जाकर पशुपालकों को मुफ्त परीक्षण सेवाएं, तकनीकी सलाह, पशुओं के लिए संतुलित आहार तैयार करने की सुविधा तथा जागरूकता कार्यक्रम उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा पशुपालकों को फीड सुरक्षा, मास्टाइटिस की रोकथाम, साइलेज प्रबंधन और आधुनिक डेयरी तकनीकों संबंधी जानकारी भी दी जाएगी।
विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ एस.एस. रंधावा ने परियोजना टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित पशुधन विस्तार सेवाओं और किसान-केंद्रित सेवा वितरण का एक आदर्श मॉडल साबित होगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के परिणामों और प्रभाव का आकलन करने के बाद वेटरनरी यूनिवर्सिटी और केमिन इंडस्ट्रीज इस कार्यक्रम का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। भविष्य में अतिरिक्त मोबाइल प्रयोगशालाएं शुरू कर पंजाब के सभी जिलों तक वैज्ञानिक पशुपालन सलाह और परीक्षण सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
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