श्रीगंगानगर , मई 05 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के समेजा कोठी थाना क्षेत्र में भारतमाला रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 911 पर सोमवार दोपहर को पुलिस द्वारा पकड़े गए पंजाब के दो तस्कर पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे।

पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर के माध्यम से ड्रोन के द्वारा भारतीय सीमा में समेजा कोठी थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की खेप गिराये गये थे। इस खेप को एक कार में पंजाब ले जाते समय पुलिस का दल तस्करों के पीछे लग गया था। समेजा कोठी थाना से करीब एक किमी दूर की गई नाकाबंदी के दौरान दोनों तस्करों को पकड़ लिया गया। तस्करों के कब्जे से एक किलो 494 ग्राम हेरोइन, 985 ग्राम अफीम, पांच अवैध पिस्तौल 10 मैगजीन और 72 जीवित कारतूस बरामद हुए।

पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने आज बताया कि पकड़े गए तस्करों की पहचान कुलविंदरसिंह (27) और रोबिनसिंह (23) निवासी फाजिल्का (पंजाब) के रूप में हुई है। श्री यादव ने बताया कि कुलविंदरसिंह के खिलाफ पूर्व में भी पंजाब में मादक द्रव्य एवं मनोत्तेजक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम का एक मामला दर्ज है। रोबिनसिंह के आपराधिक रिकॉर्ड का पता लगाया जा रहा है, लेकिन यह जानकारी भी सामने आई है कि कुछ अरसा पहले श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ के सीमा क्षेत्र में उसने पाकिस्तान की ओर से आने वाली ऐसी ही एक संदिग्ध खेप को उठा ले जाने की कोशिश की थी जिसमें वह कामयाब नहीं हो पाया।

उन्होंने बताया कि कुलविंदरसिंह और रॉबिनसिंह सोमवार को जिस खेप के साथ पकड़े गए हैं, वह पूर्व रात्रि ही समेजा कोठी थाना क्षेत्र में किसी सीमावर्ती गांव के खेत में पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन से गिराई थी। श्री यादव ने बताया कि उनके पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन को खंगालने पर पता चला कि कुलविंदरसिंह किसी पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था। इन दोनों को आज खुफिया एजेंसियों के संयुक्त पूछताछ केंद्र (जेआईसी) के हवाले कर दिया गया है। कड़ी पूछताछ में तस्करी के इस नेटवर्क के बारे में और खुला से होने की संभावना है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए ये दोनों युवक सिर्फ एक कोरियर हैं, जिनका काम यहां से माल उठाकर पंजाब में बड़े तस्करों तक पहुंचाने का था। पुलिस अब यह जांच भी कर रही है कि जिस क्षेत्र में पूर्व रात्रि पाकिस्तानी तस्करों ने माल गिराया किया,वहां इनका कोई स्थानीय संपर्क तो नहीं था।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह पहला मामला है कि पाकिस्तानी तस्करों ने हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ अफीम गिराई पकड़े गए पिस्तौलों में दो मेड इन चीन और तीन पाकिस्तान में निर्मित हैं।

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