अमृतसर , फरवरी 03 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि राज्य केंद्र सरकार के सहयोग से विकास के नये दौरमें प्रवेश कर रहा है।
प्रो ख्याला ने कहा कि उपलब्ध आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब को मिलने वाले केंद्रीय ट्रांसफर और विकास सहायता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंजाब को कर-वितरण के रूप में 30,464 करोड़ रुपये का बजट अनुमान दिया गया है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान के रूप में 10,576 करोड़ रुपये प्रदान किये गये हैं। उन्होंने कहा कि यदि 2014 से 2026 की अवधि को देखा जाये, तो कर-वितरण के माध्यम से पंजाब को 1.66 लाख करोड़ रुपये और अनुदानों के रूप में 1.32 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि केंद्र सरकार ने पंजाब की वित्तीय आवश्यकताओं और जिम्मेदारियों को गंभीरता से लिया है।
प्रो ख्याला ने कहा कि पूंजीगत व्यय के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दी जा रही विशेष सहायता पंजाब के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी है। इस योजना के तहत पंजाब को 50 वर्षों के लिए ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान किये गये हैं, जिनका पूरा ब्याज केंद्र सरकार स्वयं वहन करती है। वर्ष 2020-21 से जनवरी 2026 तक इस योजना के अंतर्गत पंजाब को कुल 6,157 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं। यह सहायता वित्त आयोग की सिफारिशों से अतिरिक्त है और राज्य को अपने विकासात्मक परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक क्षमता प्रदान करती है। सड़कों और कनेक्टिविटी की बात करें तो यह विकास की नयी रीढ़ बन चुकी है। तीस जून 2025 तक पंजाब में 4,264 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। 29,000 करोड़ रुपये की लागत से पांच ग्रीनफील्ड और आर्थिक कॉरिडोर निर्माणाधीन हैं।
भारत माला परियोजना के फेज-1 के अंतर्गत 1,764 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर को 58,875 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्वीकृति दी गयी है। इसके साथ ही पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर सड़कों के निर्माण के लिए 4,406 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जो सुरक्षा और विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
रेलवे आधुनिकता, गति और लॉजिस्टिक शक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है। रेलवे क्षेत्र में पंजाब ने एक नया मोड़ लिया है। राज्य अब 100 प्रतिशत विद्युतीकृत हो चुका है। अमृतसर-दिल्ली और फिरोज़पुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा तेज़ और अधिक सुविधाजनक बनी है। इसके साथ ही, 12 नये रेलवे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से 1,158 किलोमीटर नई पटरियों पर 19,843 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। वर्ष 2014 के बाद 366 रेलवे फ्लाईओवर और अंडर-ब्रिज बनाए गए हैं। अमृत भारत योजना के तहत पंजाब के 30 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।इसके अतिरिक्त, लुधियाना से सोननगर तक 1,337 किलोमीटर लंबा पूर्वी समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर पंजाब के उद्योग और कृषि के लिए एक मजबूत लॉजिस्टिक आधार तैयार करता है। प्रो ख्याला ने कहा कि विकसित हवाई सेवायें भी विकास का एक महत्वपूर्ण संकेत हैं। पंजाब में आरसीएस-उड़ान और कृषि उड़ान योजनाओं के अंतर्गत बठिंडा, लुधियाना, आदमपुर और पठानकोट हवाई अड्डों की शुरुआत से राज्य हवाई मानचित्र पर मजबूती से उभरा है। आदमपुर हवाई अड्डे पर नया टर्मिनल भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एम्स बठिंडा, पीजीआई के सेटेलाइट सेंटर और नये मेडिकल कॉलेज पंजाब की स्वास्थ्य संरचना को मजबूत कर रहे हैं। शहरी विकास की ओर नज़र डालें तो अमृतसर, जालंधर और लुधियाना का स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल होना शहरी जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के तहत राजपुरा-पटियाला क्षेत्र में औद्योगिक परियोजनाएं रोजगार के नये अवसर सृजित करेंगी।
प्रो ख्याला ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आम लोगों तक सीधा लाभ पहुंचाने के लिए भी ठोस कदम उठाये गये हैं। जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और जल जीवन मिशन जैसी फ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम से लाखों पंजाबी परिवारों को सीधा लाभ मिला है। ये योजनायें यह सिद्ध करती हैं कि विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का नाम है।
आज पंजाब के लिए विकास केवल एक वादा नहीं, बल्कि आंकड़ों और ज़मीनी सच्चाई में दिखाई देने वाला तथ्य है। केंद्र सरकार की मजबूत वित्तीय सहायता और बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश के साथ पंजाब विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है और यह यात्रा आगे भी जारी रहेगी।
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