चंडीगढ़ , अक्टूबर 12 -- पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के बाद 86,038 मतदाताओं को अपात्र घोषित किया गया, जबकि 7,97,263 नए मतदाता अंतिम सूची में शामिल किए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने सोमवार को राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूचियां जारी करते हुए बताया कि अब प्रदेश में कुल 2,01,00,727 मतदाता हैं। यह संख्या 13 अगस्त को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची के 1,93,94,435 मतदाताओं से 3.64 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि अंतिम मतदाता सूचियों की प्रतियां और उनकी डिजिटल प्रतियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंप दी गयी हैं। उन्होंने मतदाताओं, बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) और राजनीतिक दलों के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से राज्यभर में नियुक्त 89,395 बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

अंतिम मतदाता सूची में 1,03,76,026 पुरुष, 97,24,195 महिला और 506 तृतीय लिंग के मतदाता दर्ज हैं। नौ जून 2026 तक राज्य में कुल 2,14,61,043 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें 1,11,76,866 पुरुष, 1,02,83,478 महिलाएं और 699 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल थे।

निर्वाचन विभाग के अनुसार, घर-घर गणना का चरण 25 जून से तीन अगस्त तक चला। इस दौरान बीएलओ ने मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए और उनसे भरे हुए प्रपत्र एकत्र किए। इसके बाद 13 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराया गया, ताकि वे दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में भाग ले सकें।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 13 अगस्त से 12 सितंबर तक निर्धारित की गई थी। इस दौरान मतदाताओं को मसौदा सूची में अपना नाम और विवरण जांचने तथा किसी तरह की त्रुटि होने पर सुधार के लिए आवेदन देने को कहा गया। आवेदन ऑनलाइन, ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के माध्यम से, बीएलओ के जरिए या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालयों में ऑफलाइन जमा किए जा सकते थे।

निर्वाचन विभाग ने बताया कि कुल 35,49,036 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से विस्तृत सत्यापन के बाद 86,038 मतदाताओं को अपात्र चिह्नित किया गया। नोटिस की प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं के मामले शामिल थे, जिनके रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो पाया था या जिनके विवरण में विसंगतियां थीं। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों ने दस्तावेजों तथा बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर सुनवाई के बाद निर्णय लिए। दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया आठ अक्टूबर तक पूरी की गई।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, 19 रोल पर्यवेक्षकों और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने दावों और आपत्तियों की जांच के लिए क्षेत्रीय दौरे किए। पारदर्शिता और प्रभावी सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए राज्य तथा जिला स्तर पर दस्तावेज सत्यापन दल गठित किए गए। प्रत्येक जिले में शिकायतों के निपटारे के लिए जिला शिकायत अधिकारी नियुक्त किए गए। इसके अलावा, मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक 1950 हेल्पलाइन संचालित की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के कार्यालयों में सहायता केंद्र भी बनाए गए।

मतदाताओं की सुविधा और मतदान केंद्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिए राज्य के सभी जिलों में मतदान केंद्रों का युक्तिकरण किया गया। इसके तहत मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़ाकर 25,332 कर दी गई है।

निर्वाचन विभाग ने बताया कि मतदाता जागरूकता के लिए एक महीने तक व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचन सहभागिता (स्वीप) अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत 23 जून को एसआईआर अभियान की प्रतीकात्मक शुरुआत के दौरान दो हजार से अधिक युवाओं ने मानव शृंखला बनाई। मतदाताओं को एसएमएस, रेडियो संदेशों, ई-रिक्शा के माध्यम से प्रसारित ऑडियो संदेशों और बीएलओ की घोषणाओं से भी जागरूक किया गया।

सुश्री मित्रा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार एसआईआर-2026 की प्रक्रिया पंजाब में सुचारु, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की गई है। उन्होंने पात्र मतदाताओं से अपील की कि यदि किसी कारण से उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है या कोई नया मतदाता पंजीकरण कराना चाहता है, तो वह ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अथवा अपने बीएलओ के पास प्रपत्र-6 भरकर आवेदन कर सकता है। उन्होंने बताया कि एक अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर सेवा मतदाताओं की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण वाली अंतिम सूची भी सोमवार को प्रकाशित कर दी गयी है।

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