चंडीगढ़ , अगस्त 27 -- पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों द्वारा की गयी 'महा हड़ताल' को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी, गुजरात भाजपा प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने भगवंत मान सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलता का सीधा प्रमाण बताया।

श्री चुघ ने गुरुवार को कहा कि करीब चार लाख सरकारी कर्मचारी और लाखों पेंशनर अपने जायज बकाये और लंबित 18 प्रतिशत डीए की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी राज्य का प्रशासन चलाते हैं, यदि उन्हें अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करना पड़े, तो यह सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार कर्मचारियों के बकाये का भुगतान करने के लिए संसाधनों की कमी का हवाला देती है, लेकिन प्रचार, विज्ञापन और अन्य खर्चों के लिए लगातार धन उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने सरकार से करीब 20,161 करोड़ रुपये के लंबित डीए बकाये पर स्थिति स्पष्ट करने और भुगतान की समयसीमा बताने की मांग की।

श्री चुघ ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो गयी है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कर्मचारी भी मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद कर्मचारियों के वैध बकाये में देरी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि वित्तीय स्थिति सुधारने के बजाय सरकार लगातार कर्ज लेने और सार्वजनिक धन को प्रचार पर खर्च करने की राह पर चल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बैठक बुलाकर लंबित डीए और अन्य जायज बकाये जारी करने की मांग की।

श्री चुघ ने कहा कि समय पर वेतन, पेंशन और कर्मचारियों के वैध वित्तीय अधिकारों का भुगतान किसी सरकार की कृपा नहीं, बल्कि उसकी बुनियादी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ मजबूती से खड़ी है और सत्ता में आने पर उनके कल्याण, सम्मान और अधिकारों को प्राथमिकता देगी।

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