जालंधर , अक्टूबर 06 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला ने मानसा जिले के फत्ता मलूका गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित 'लोक मिलनी' से पहले किसानों, शिक्षकों और भाजपा नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है।
पार्टी कार्यालय से मंगलवार को जारी बयान में श्री सांपला ने आरोप लगाया कि लोगों को हिरासत में लेकर पंजाब सरकार जनता की आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जनता से सीधे संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम से पहले लोगों को रोकना लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि पुलिस ने विभिन्न स्थानों से शिक्षक और किसान नेताओं को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता गगनदीप शर्मा को भी बरेटा स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यदि लोग मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं और सवाल रखना चाहते हैं तो उन्हें संवाद का अवसर दिया जाना चाहिए, न कि उन्हें कार्यक्रम में पहुंचने से रोका जाये।
श्री सांपला ने कहा कि शिक्षकों की मांगों, सरकारी स्कूलों में कर्मचारियों की कमी और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे पहले से सार्वजनिक चर्चा में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सवालों का जवाब देने के बजाय नेताओं को हिरासत में लेना उचित नहीं है।उन्होंने किसानों के आंदोलन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं पर किसानों की ट्रॉलियां कथित तौर पर चोरी करने के आरोपों का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार को इन आरोपों पर भी जवाब देना होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित