नयी दिल्ली , अक्टूबर 15 -- भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही ओलावृष्टि, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। विभाग ने दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश शुरू होने के आसार भी जताये है।

आईएमडी ने गुरुवार सुबह जारी ताजा बुलेटिन' में 15 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। 16 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधि कमजोर होने के आसार है।

गुरुवार को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान आने और 40-50 किमी प्रति घंटे (जो 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान सहित इस पूरे क्षेत्र के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि का भी अनुमान है। जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय था, जबकि उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए है।

आईएमडी के अनुसार, 14 अक्टूबर की सुबह 8.30 बजे से 15 अक्टूबर की सुबह 5.30 बजे के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई।

अंबाला में 3 सेमी, जबकि पटियाला और श्री गंगानगर में 1-1 सेमी बारिश हुई। जम्मू और कुकेरनाग में 3-3 सेमी, और काजीगुंड, श्रीनगर तथा कटरा में 2-2 सेमी बारिश दर्ज की गई।

विभाग ने 16 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान जताया है, जिसके बाद 17 से 21 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

विभाग ने चेतावनी दी है कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं से खड़ी फसलों, बागवानी, बिजली और संचार लाइनों, तथा कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने बागों और सब्जियों की फसलों को ओलों से होने वाले नुकसान से बचाएं।

इस बीच आईएमडी ने बताया कि देश के बाकी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी और 15 अक्टूबर से दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश शुरू होने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।

गुरुवार को केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। 16 अक्टूबर को दक्षिणी कर्नाटक के भीतरी इलाकों में भी इसी तरह के हालात रहने की संभावना है।

विभाग ने 15 से 20 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, केरल और दक्षिणी कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है।

विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश और आंधी-तूफान के कारण संवेदनशील इलाकों में स्थानीय स्तर पर बाढ़ आ सकती है, जलभराव हो सकता है, भूस्खलन हो सकता है, खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है और सड़क व रेल यातायात बाधित हो सकता है।

पिछली अवलोकन अवधि के दौरान तमिलनाडु के नागपट्टिनम में 9 सेमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद कराईकल में 8 सेमी और विशाखापत्तनम में 3 सेमी बारिश हुई।

इसके अलावा 15 से 20 अक्टूबर के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने के आसार है। आईएमडी ने बताया कि 14 अक्टूबर को गुजरात के डीसा में सबसे अधिक तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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