अमेठी , अगस्त 07 -- ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) के संचालन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है।
नई ग्राम पंचायतों के गठन तक विद्यालयों के एमडीएम खातों का संचालन ग्राम प्रधान के स्थान पर विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। इससे जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय अमेठी की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है। इसके बाद कुछ बैंक शाखाओं द्वारा विद्यालयों के एमडीएम खातों के संचालन पर रोक लगा दी गई थी। इससे विद्यालय स्तर पर मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन में कठिनाई उत्पन्न हो रही थी।
आदेश में कहा गया है कि एमडीएम योजना को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए जिलाधिकारी के अनुमोदन के क्रम में ग्राम पंचायतों के सामान्य निर्वाचन के बाद गठित होने वाली नई ग्राम पंचायतों की पहली बैठक के लिए निर्धारित तिथि तक विद्यालय स्तरीय मध्यान्ह भोजन निधि खातों का संचालन एसएमसी अध्यक्ष और विद्यालय के प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से कराया जाएगा।
इसके साथ ही पूर्व ग्राम प्रधानों के पास उपलब्ध एमडीएम से संबंधित खाद्यान्न और परिवर्तन लागत की धनराशि तत्काल संबंधित अभिभावक संघ अथवा विद्यालय प्रबंधन समिति को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यालयों में बच्चों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित न हो।
बीएसए अमेठी संजय तिवारी ने बताया कि मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के अनुसार किसी विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन विकल्प के रूप में विद्यालय प्रबंधन समितियों के माध्यम से कराया जा सकता है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने की स्थिति में पंचायत निर्वाचन संपन्न होने तक योजना के प्रभावी संचालन के लिए विद्यालय स्तरीय एमडीएम खातों का संचालन ग्राम प्रधान के स्थान पर एसएमसी अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक द्वारा संयुक्त रूप से करने की स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने बताया कि संबंधित ग्राम प्रधानों के पास उपलब्ध खाद्यान्न एवं परिवर्तन लागत की धनराशि तत्काल संबंधित अभिभावक संघों अथवा विद्यालय प्रबंधन समिति को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग के अनुसार यह व्यवस्था नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद स्वतः समाप्त मानी जाएगी। इसके बाद एमडीएम खातों के संचालन को लेकर शासन की ओर से जारी होने वाले आगामी आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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