श्रीगंगानगर , जून 18 -- राजस्थान में पंचायती राज विभाग के मंत्रालय के कर्मचारियों ने श्रीगंगानगर में गुरुवार को पंचायत समिति मुख्यालय पर राज्य सरकार को कथित सद्बुद्धि दिलाने के लिए विशेष महायज्ञ का आयोजन किया।

मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी गयीं और सरकार के रवैए के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष महावीर जाखड़ ने विभाग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि संस्थागत मंत्रालयिक संवर्ग के करीब 16 हजार कर्मचारियों के साथ पिछले दो वर्षों से लगातार भेदभाव किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 की जांच के नाम पर कर्मचारियों के न्यायपूर्ण अधिकारों को जानबूझकर लंबित रखा गया है। श्री जाखड़ ने कहा कि अब तक किसी भी संवर्ग में ऐसा नहीं हुआ कि एक भर्ती के बहाने पूरे कर्मचारी वर्ग की जायज मांगों को नजरअंदाज कर दिया जाये।

कर्मचारियों का मुख्य आरोप यह है कि एक ही भर्ती को बार-बार अलग-अलग स्तरों पर जांच करवाई जा रही है। मुख्य जांच अधिकारी को मंत्रालयिक कर्मचारियों के मामलों से अलग रखने की मांग को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। संगठन का दावा है कि शासन किसी खास संवर्ग के प्रभाव में आकर मंत्रालयिक कर्मचारियों के हितों को जानबूझकर प्रभावित कर रहा है।

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