पंचकूला , अक्टूबर 13 -- हरियाणा में पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पास सोमवार रात पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में कुख्यात गिरोह से जुड़े दो संदिग्ध शूटर घायल हो गए। इन लोगों ने पुलिस दल पर पांच गोलियां चलायी थी। इनमें से एक गोली उप-निरीक्षक की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि दूसरी गोली सहायक उप निरीक्षक को छूते हुए निकल गई।
पुलिस ने बताया कि इन संदिग्धों की पहचान अर्शदीप सिंह और जगराज सिंह के तौर पर हुई है जो पंजाब के अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों संदिग्ध शूटरों के पैरों में गोली लगी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि दोनों चंडीगढ़-मोहाली-पंचकूला क्षेत्र में किसी को निशाना बनाकर हमला करने के इरादे से पहुंचे थे।
प्राथमिकी के मुताबिक, यह मुठभेड़ सेक्टर 20 पुलिस स्टेशन के इलाके में सेक्टर 3 स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पीछे वाली सड़क पर हुई। यह ऑपरेशन पंचकूला के पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमरेंद्र सिंह की देखरेख में चलाया गया।
पुलिस ने बताया कि संदिग्ध मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी उनका सामना उन्हें ढूंढ रहे पुलिस दल से हुआ। आरोप है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर पांच गोलियां चलाई थी।
प्राथमिकी के मुताबिक एक गोली पुलिस उप निरीक्षक की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि दूसरी गोली सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार के कान के पास से निगल गई।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में चार गोलियां चलाई जिसमें दोनों संदिग्धों के पैरों में एक-एक गोली लगी। इसके बाद घायल लोगों को पकड़ लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जांचकर्ताओं का मानना है कि संदिग्धों के संबंध किसी कुख्यात अपराधी गिरोह से हो सकते हैं और वे कथित तौर पर चंडीगढ़, पंचकूला या मोहाली में किसी व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक उस व्यक्ति की पहचान या किसी नियोजित हमले की जानकारी की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस ने बताया कि संदिग्धों के पास से दो अवैध हथियार बरामद किए गए। सेक्टर 20 पुलिस थाना में शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 25(6) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस संदिग्धों के कथित गिरोह से संबंधों, आपराधिक पृष्ठभूमि, हथियारों के स्रोतों और संभावित स्थानीय संपर्कों की जांच कर रही है।
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