पंचकूला , अगस्त 19 -- हरियाणा के पंचकूला में पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-15 में बुधवार को खंड स्तरीय युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय लोकतांत्रिक और संसदीय व्यवस्था की व्यावहारिक समझ देना रहा।

युवा संसद के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय संसद की कार्यप्रणाली का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने अध्यक्ष का आसन ग्रहण करने, शपथ ग्रहण, प्रश्नकाल, प्रश्नों पर चर्चा, मंत्रियों द्वारा उत्तर देने, जनहित के मुद्दों पर विचार-विमर्श तथा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस सहित संसदीय कार्यवाही के विभिन्न महत्वपूर्ण चरणों को प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान विपक्ष की भूमिका निभा रहे विद्यार्थियों ने विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष से तीखे और तथ्यपरक सवाल पूछे। सत्ता पक्ष की ओर से विद्यार्थियों ने जिम्मेदारी, संयम और संसदीय मर्यादा के साथ सवालों के जवाब दिए। प्रतिभागियों ने पूरे कार्यक्रम में अपनी भूमिकाओं का गंभीरता, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ निर्वहन किया।

राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक राजेश ने निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को युवा संसद के महत्व तथा संसदीय कार्यवाही के विभिन्न चरणों के बारे में जानकारी दी और उनका मार्गदर्शन किया।

प्राध्यापक जयवीर रंगा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संसदीय व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के साथ मजबूत विपक्ष का होना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि लोकसभा जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने तथा देश के लिए नीतियों और कानूनों के निर्माण का महत्वपूर्ण मंच है।

विद्यालय की प्रधानाचार्य ने अतिथि राजेश का स्वागत किया और विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि युवा संसद जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, तार्किक सोच, अभिव्यक्ति कौशल और लोकतांत्रिक मूल्यों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्वस्थ बहस, प्रश्न पूछना, उत्तरदायित्व, संवाद और जनहित संसदीय लोकतंत्र के महत्वपूर्ण आधार हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के उत्साह और आत्मविश्वास की उपस्थित शिक्षकों एवं अतिथियों ने सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था की बेहतर समझ देने में सहायक हैं।

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