पंचकूला , सितंबर 21 -- हरियाणा में पंचकूला पुलिस ने इस वर्ष एक जनवरी से 20 सितंबर तक 343 लापता और बिछड़े लोगों को तलाश कर उनके परिजनों से मिलाया है। इनमें 117 बच्चे शामिल हैं, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है।

पुलिस के अनुसार बरामद किए गए 343 लोगों में 263 महिलाएं एवं लड़कियां तथा 80 पुरुष तथा लड़के हैं। इनकी उम्र छह माह के बच्चे से लेकर 81 वर्ष तक है।

पुलिस ने लापता लोगों की तलाश के लिए साइबर ट्रैकिंग, तकनीकी संसाधनों, स्थानीय खुफिया जानकारी, बीट पेट्रोलिंग और जमीनी स्तर पर पूछताछ का सहारा लिया। कई मामलों में लापता लोग उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान तक पहुंच गए थे। पुलिस टीमों ने दूसरे राज्यों में जाकर सुरागों की पुष्टि की और उन्हें सुरक्षित वापस लाया।

पुलिस आयुक्त पंकज नैन ने कहा कि लापता व्यक्ति को तलाश करना केवल पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि परिवार में खुशी वापस लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गुमशुदगी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाती है। शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

डीसीपी अदिति सिंह ने बताया कि शिकायत मिलते ही थाना व चौकी पुलिस के साथ साइबर सेल, इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल, दुर्गा शक्ति टीम और बीट अधिकारी सक्रिय हो जाते हैं। तकनीकी जांच के साथ स्थानीय स्तर पर तलाश और पूछताछ की जाती है।

पुलिस ने बच्चों और युवाओं से अपील की कि पारिवारिक या व्यक्तिगत परेशानी होने पर बिना बताए घर न छोड़ें और माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें। आम लोगों से भी अपील की गई है कि कोई लापता, भटकता या परेशान बच्चा, महिला, बुजुर्ग अथवा अन्य व्यक्ति मिले तो उसे अकेला न छोड़ें और तुरंत डायल-112 या नजदीकी पुलिस थाना/चौकी को सूचना दें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित