जशपुर , मई 15 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में विशेष न्यायालय ने शुक्रवार को दुष्कर्म के आरोपी एक व्यक्ति को दस वर्ष सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी है।

विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण न्यायालय ने आज आरोपी वासिफ अंसारी (29) निवासी सिमडेगा, झारखंड को यह सजा सुनायी।

आदेश के अनुसार आरोपी को अर्थदंड नहीं चुकाने पर अतिरिक्त छह माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

पुलिस के अनुसार पीड़िता ने 19 जनवरी 2024 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वर्ष 2018 में जशपुर आने के दौरान उसकी पहचान आरोपी से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच मोबाइल फोन से बातचीत शुरू हुई। वर्ष 2019 में आरोपी ने प्रेम और शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार आरोपी करीब चार वर्षों तक शादी का भरोसा देकर उसका शोषण करता रहा। जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी तीन जनवरी 2024 को बिना बताए उसे छोड़कर फरार हो गया।

शिकायत के बाद थाना कुनकुरी में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(एन) एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मामले की जांच एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी एवं तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुनील सिंह ने की। पुलिस ने वर्ष 2024 में ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।

पुलिस की प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजक अजीत रजक की पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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