नयी दिल्ली , अगस्त 11 -- राज्यसभा ने कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के बहिर्गमन के बीच मंगलवार को न्यायाधिकरण सुधार विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया जिससे इस पर संसद की मुहर लग गयी। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है।
द्रमुक के तिरूचि शिवा ने विधेयक के कई प्रावधानों के बारे में संशोधन के प्रस्ताव दिये थे लेकिन सदन ने उन्हें ध्वनिमत से खारिज कर दिया। वामपंथी दलों के कुछ सदस्यों ने भी संशोधन के प्रस्ताव दिये थे लेकिन उनके सदन में मौजूद नहीं होने के कारण संशोधन प्रस्ताव पेश नहीं किये जा सके।
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के संक्षिप्त जवाब के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। श्री मेघवाल ने कहा कि इसका मुख्य मकसद न्यायाधिकरणों में सुधार की प्रक्रिया लागू करना है। इसके लिए विधेयक में राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है जो न्यायाधिकरणों में नियुक्ति , उनके कामकाज की समीक्षा और राष्ट्रीय न्यायाधिकरण डेटा ग्रिड बनाने का काम करेगा। इससे न्याय की सुगमता बढेगी।
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