नयी दिल्ली , मार्च 28 -- आम आदमी पार्टी (आप) ने न्यायपालिका के लिए 'सेटिंग' जैसे आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को देश से माफी मांगने की मांग की है।

आप की वरिष्ठ नेता राखी बिड़लान ने कहा कि देशवासियों को भारतीय न्यायपालिका पर अटूट विश्वास है और श्रीमती गुप्ता ने 'सेटिंग' का आरोप लगाकर इस विश्वास का कत्ल किया है। जब अदालत में भाजपा के झूठे षड़यंत्र का नकाब उतर गया तो बौखलाहट में वह न्यायपालिका पर आरोप लगाने लगीं। उन्होंने कहा कि श्रीमती गुप्ता मुख्यमंत्री पद के योग्य नहीं हैं, लेकिन भाजपा के शीर्ष नेताओं से सेटिंग के चलते वह मुख्यमंत्री बन गईं हैं। उन्होंने भाजपा से पूछा कि क्या भाजपा मुख्यमंत्री के बयान से सहमत है और क्या अदालत से सेटिंग कर आप नेताओं के खिलाफ फैसले कराए गए?उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने एक संवैधानिक पद को संभालते हुए अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना बात कही और देश की न्यायपालिका तथा सीबीआई की विशेष अदालत के खिलाफ 'सेटिंग' जैसे शब्द का प्रयोग किया, जिसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। न्यायपालिका के संदर्भ में इस शब्द का प्रयोग करने के लिए मुख्यमंत्री को शर्म आनी चाहिए और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। देश की न्यायपालिका पर 140 करोड़ लोगों का अटूट विश्वास है। भारत की न्यायपालिका बहुत ही गहनता और बारीकी के साथ हर एक मामले पर विचार-विमर्श करके अपना फैसला सुनाती है।

आप नेता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक हैं, लेकिन उनमें से श्रीमती गुप्ता को ही मुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया। उनके पास तीन या चार बार विधायक होने का कोई अनुभव नहीं है। पार्षद रहते हुए भी उन्होंने कोई ऐसा ऐतिहासिक काम नहीं किया, जिससे उन्हें दिल्ली-एनसीआर या देश में भारी लोकप्रियता मिली हो। वे भाजपा के किसी शीर्ष पद पर भी आसीन नहीं थीं। इसका सीधा मतलब है कि भाजपा में उनकी पूर्ण रूप से सेटिंग थी। इसी वजह से इतने वरिष्ठ नेताओं को पीछे छोड़कर उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

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