नयी दिल्ली , जून 19 -- भारतीय नौसेना की संचालन क्षमता बढ़ाने तथा समुद्री गैस टरबाइन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार नौसेना के लिए 400 425 करोड़ की लागत से समुद्री गैस टरबाइन जनरेटर खरीदेगी।
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि कम से कम 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री वाले 1.25 मेगावाट के समुद्री गैस टरबाइन जनरेटर के 12 सेटों की पुणे स्थित भारत फोर्ज लिमिटेड से की जायेगी।
इस खरीद के लिए दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार को यहां रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गये। यह अनुबंध खरीद (भारतीय) श्रेणी के अंतर्गत किया गया है।
यह परियोजना एक सुदृढ़ घरेलू विनिर्माण तंत्र का निर्माण करके आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है। यह महत्वपूर्ण सामरिक प्रौद्योगिकियों में समुद्री आत्मनिर्भरता को बढ़ायेगी तथा स्वदेशी उत्पादन और संपूर्ण जीवन-चक्र व्यवस्था के माध्यम से भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता को मजबूत करेगी।
यह अनुबंध समुद्री गैस टरबाइन जनरेटर के निर्माण की स्वदेशी क्षमता स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह जनरेटर विद्युत उत्पादन अनुप्रयोगों के लिए आधुनिक नौसैनिक युद्धपोतों की रीढ़ के रूप में कार्य करता है, जो महत्वपूर्ण युद्ध प्रणालियों तथा उन्नत हथियारों और सेंसरों को शक्ति प्रदान करता है।
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