सूरजपुर , अप्रैल 11 -- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और साइबर फ्रॉड में संलिप्त एक आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है।

आरोपी ने लोगों से रकम लेकर धोखाधड़ी करने के साथ ही अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराकर रकम ऐंठने का मामला सामने आया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम दवना निवासी विजय प्रताप ने 29 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि भूपेन्द्र विश्वकर्मा ने एसईसीएल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 16. फरवरी 2024 से वर्ष 2025 के बीच उससे 20 हजार रुपये तथा उसके रिश्तेदार रतन सिंह से 35 हजार रुपये लिये। नौकरी नहीं लगने पर पैसे वापस मांगने पर आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। इस पर थाना सूरजपुर में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 595/2025 के तहत धारा 420 भादंवि में मामला दर्ज किया गया।

इसी दौरान भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (आई4सी) के पोर्टल से प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ ने म्यूल अकाउंट से संबंधित जांच के निर्देश दिये। जांच में पाया गया कि भूपेन्द्र विश्वकर्मा के नाम पर आईडीबीआई बैंक का खाता साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त हो रहा था। इस पर थाना सूरजपुर में अपराध क्रमांक 373/25 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारीके निर्देश दिये थे। पुलिस टीम ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबिश देकर आरोपी भूपेन्द्र विश्वकर्मा (40) निवासी रूनियाडीह, चौकी करंजी, वर्तमान पता न्यू वकील कॉलोनी नावापारा, सूरजपुर को पकड़ा गया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लिए और निजी खर्चों में उपयोग कर लिया। साथ ही उसने अपना बैंक खाता, एटीएम और सिम कार्ड साइबर गिरोह के एक सदस्य को पांच हजार रुपये लेकर उपलब्ध कराया तथा बदले में प्रतिमाह पांच हजार रुपये प्राप्त करता रहा। जांच में आरोपी के खाते में 77 लाख 84 हजार रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है।

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