पुणे , मई 31 -- महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वरोजगार और स्टार्ट-अप में निवेश के अभियान को उद्यमी तुषार केवते ने बुलंदी पर पहुंचा दिया है।
उल्लेखनीय है कि श्री तुषार केवते एक ऐसे शख्स का नाम है, जो प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर और औद्योगिक उद्यमी हैं और वे 'नौकरियां पैदा करने वाले, न कि खोजने वाले' के दर्शन में विश्वास रखते हैं।
आज जहां युवा पेशेवर नौकरी खोजने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, वहीं श्री केवते ने दूसरों के लिए अवसर पैदा करने को ही अपना करियर बना लिया है। उन्हें इस बात का एहसास था कि बहुत से लोग स्वरोजगार के क्षेत्र में और न ही स्टार्ट-अप शुरू करने में कामयाब हो पाएंगे। श्री केवते ने यूनीवार्ता को बताया, "मैं नौकरी देने वाला हूं, नौकरी खोजने वाला नहीं।" श्री केवते की यह सोच उनके दृढ़ संकल्प, आत्मनिर्भरता और एक उद्यमी की दूरदृष्टि को दर्शाती है।
उन्होंने यूनीवार्ता को बताया कि वे अपने पिता की इस सलाह से बहुत प्रभावित थे कि हमेशा स्वतंत्र रहना चाहिए और सफलता के लिए कभी भी दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने इन्हीं मूल्यों से प्रेरित होकर अपनी औपचारिक शिक्षा को व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ जोड़ा और ऐसे व्यावहारिक कौशल विकसित किए जो आगे चलकर उनके व्यावसायिक करियर की नींव बने।
श्री केवते ने औद्योगिक क्षेत्र में कदम रखने के बाद कारखानों और भारी मशीनों के लिए विश्वसनीय रखरखाव सेवाओं की बढ़ती मांग को पहचाना। उन्होंने इस अवसर को देखते हुए अपनी खुद की औद्योगिक रखरखाव कंपनी शुरू की। अपनी तकनीकी विशेषज्ञता, कड़ी मेहनत और गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के दम पर उनकी कंपनी ने धीरे-धीरे एक ऐसी प्रतिष्ठा हासिल कर ली, जिसके तहत वह अपने औद्योगिक ग्राहकों को विश्वसनीय रखरखाव समाधान प्रदान करने और उनकी परिचालन दक्षता में सुधार लाने के लिए जानी जाने लगी।
आज उनकी संस्था कई अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है, जिनमें मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, निर्माण तकनीक, सुरक्षा प्रणालियां, प्रबंधन और तकनीकी सहायता शामिल हैं। यह कंपनी मुख्य रूप से निवारक रखरखाव, परिचालन उत्कृष्टता और दीर्घकालिक विश्वसनीयता पर अपना ध्यान केंद्रित करती है।
श्री केवते को व्यावसायिक सफलता से भी बढ़कर इस बात पर गर्व है कि वे कुशल तकनीशियनों और इंजीनियरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। श्री केवते का मानना है कि आज के इस प्रतिस्पर्धी दौर में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर सीखते रहना, व्यावहारिक कौशल और उद्यमिता ही सबसे महत्वपूर्ण कुंजी हैं।
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