नोएडा , जून 18 -- उत्तर प्रदेश सेंट्रल नोएडा जोन के फेस तृतीय थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सोशल मीडिया के माध्यम से लॉटरी और इनाम का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दस शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त बीस मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड और दस हजार से अधिक रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि, यह कार्रवाई बीट पुलिसिंग और गोपनीय सूचना के आधार पर नोएडा सेक्टर-121 में की गई। गिरफ्तार अभियुक्त फेसबुक और इंस्टग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी लॉटरी और इनाम जीतने के विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

साइबर सेल को पिछले लगभग दो माह से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और समन्वय पोर्टल के माध्यम से संदिग्ध मोबाइल नंबरों, आईएमईआई और बैंक खातों के संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। जांच में पता चला कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस गिरोह के खिलाफ करीब अठारह शिकायतें दर्ज हैं।

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी फर्जी बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी को अंजाम देते थे। पहचान छिपाने के लिए वे लगातार बैंक खाते, सिम कार्ड और मोबाइल नंबर बदलते रहते थे। इस्तेमाल के बाद सिम कार्ड नष्ट कर दिए जाते थे ताकि पुलिस उनकी गतिविधियों तक न पहुंच सके।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया पर लॉटरी और इनाम जीतने के फर्जी विज्ञापन चलाते थे। इच्छुक लोगों को मात्र पचास रुपये में कथित लॉटरी टिकट भेजी जाती थी। इसके बाद पीड़ितों को बारह लाख रुपये की लॉटरी लगने का झांसा दिया जाता था।

फिर टीडीएस, जीएसटी, एनओसी, इनकम टैक्स क्लीयरेंस, आरबीआई क्लीयरेंस और फाइनल ट्रांसफर चार्ज के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम उनके फर्जी बैंक खातों में जमा करवाई जाती थी।

गिरोह विशेष रूप से दक्षिण भारत के लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी उनकी स्थानीय भाषा में बातचीत कर विश्वास जीतते थे। ठगी को विश्वसनीय दिखाने के लिए फर्जी आयकर विभाग और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्रमाण पत्र तैयार कर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाते थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह को फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है, जिसकी तलाश की जा रही है।

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