नयी दिल्ली , जनवरी 19 -- कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा में एक युवा इंजीनियर की कार पानी से भरे एक बड़े गड्ढे में गिर गयी और मौके पर पहुंची उत्तर प्रदेश पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम तमाशा देखती रही लेकिन युवक को पानी से बाहर नहीं निकाले जाने के कारण उसकी जान चली गयी।
कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पेज एक्स पर सोमवार को एक पोस्ट में उप्र की भाजपा सरकार से सवाल किया कि आखिर उसके शासन की यह कैसी व्यवस्था है कि बचाव दल मौके पर पहुंचता है लेकिन उसके पास कोई उपकरण नहीं होते कि युवक को पानी से बाहर निकाला जा सके। यदि युवराज को समय पर पानी से बाहर निकाल लिया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी लेकिन भाजपा की 'हत्यारी व्यवस्था ने 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की जान ले ली। उसकी कार नोएडा के पॉश इलाके में पानी से भरे एक बड़े गड्ढे में गिरी थी। यह गड्ढा एक बिल्डर ने खुदवाया था जिसमें बारिश का पानी भर गया था।
पार्टी ने आरोप लगाया "गड्ढे में गिरे युवराज ने हिम्मत जुटाई और किसी तरह गाड़ी की छत पर पहुंच गया और फिर उसने अपने पिता को कॉल किया 'पापा मैं डूब रहा हूं, मुझे बचा लो। पिता ने उप्र पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम पहुंची, लेकिन 'पानी ठंडा' होने के कारण किसी ने उसकी मदद नहीं की। दो घंटे तक युवराज मदद के लिए चीखता रहा, चिल्लाता रहा...लेकिन उप्र पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम वहां खड़ी तमाशा देखती रही और आखिर में एक-एक सांस के लिए लड़ते हुए युवराज ने दम तोड़ दिया। युवराज की मौत, दुर्घटना नहीं-'मर्डर' है।"कांग्रेस ने इस हत्या करार देते हुए कहा कि यह हत्या भाजपा सरकार की व्यवस्था के कारण हुई है। उसका कहना है कि भाजपा के सड़े-गले सिस्टम ने, युवराज की हत्या की है। सवाल है कि क्या फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के पास ऐसे उपकरण ही नहीं थे, जिससे युवराज को पानी से निकाला जा सकता था।
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