नोएडा , सितंबर 12 -- उत्तर प्रदेश में नोएडा में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है।
इसी क्रम में बंगाल से आए मूर्तिकारों और कारीगरों द्वारा नोएडा के विभिन्न स्थानों पर मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कारीगर दिन-रात मेहनत कर प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने में जुटे हुए हैं। मिट्टी से तैयार की गई इन प्रतिमाओं को खूबसूरत रंगों से सजाया जा रहा है, जिससे उनकी सुंदरता देखते ही बन रही है।
मूर्तिकार और ठेकेदार जीत विश्वास ने जानकारी देते हुए बताया कि गणेश चतुर्थी को लेकर प्रतिमाओं को तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। मिट्टी की मूर्तियों को पहले आकार दिया जाता है और इसके बाद उन्हें सुखाकर रंगों से सजाया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए कारीगर पूरी मेहनत कर रहे हैं। प्रतिमाओं के तैयार होने के बाद इन्हें श्रद्धालुओं के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध कराया जाएगा।
नोएडा में अलग-अलग जगहों पर बंगाल से आए मूर्तिकारों ने अस्थायी कार्यस्थल बनाकर भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार करने का काम शुरू किया है। इन स्थानों पर कहीं मिट्टी से प्रतिमाओं का ढांचा तैयार किया जा रहा है तो कहीं मूर्तियों को अंतिम रूप देकर रंग-रोगन का काम चल रहा है। कारीगर अपनी कला और मेहनत से भगवान गणेश की प्रतिमाओं को जीवंत रूप देने में लगे हैं।
मिट्टी को गूंथकर पहले प्रतिमाओं का आकार तैयार किया जाता है। इसके बाद उन्हें सूखने के लिए रखा जाता है। सूखने के बाद मूर्तियों पर बारीकी से काम कर चेहरे के भाव, मुकुट, आभूषण और अन्य सजावटी हिस्सों को उकेरा जाता है। अंतिम चरण में प्रतिमाओं पर आकर्षक रंग चढ़ाए जाते हैं। लाल, पीले, हरे और अन्य रंगों के इस्तेमाल से गणेश प्रतिमाओं को मनमोहक रूप दिया जा रहा है।
बंगाल से आए मूर्तिकार अपनी पारंपरिक कला और अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उनके हाथों से तैयार की जा रही गणेश प्रतिमाओं में बारीक कारीगरी और सुंदर रंग संयोजन देखने को मिल रहा है। प्रतिमाओं को अंतिम रूप देते समय कारीगर भगवान गणेश के चेहरे की भाव-भंगिमा और सजावट पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
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