नोएडा , जुलाई 11 -- उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर में चलाए जा रहे "ऑपरेशन साइबर वज्र" अभियान के तहत नोएडा जोन के फेस वन थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने इस गिरोह के दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, चेकबुक, पासबुक, कॉलिंग डेटा, स्क्रिप्ट बुक, बिलिंग बुक और इंटरनेट राउटर सहित कई अहम सामान बरामद किए हैं।
पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि, थाना फेस वन पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से नोएडा थाना क्षेत्रांतर्गत सेक्टर 2, डी-80, स्थित बिल्डिंग के प्रथम तल पर संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई। यहां से पवन कुमार, मोहित, हर्ष शर्मा, स्वाती और प्रीती को गिरफ्तार किया गया।
फेस वन थाना पुलिस ने "ऑपरेशन साइबर वज्र" के तहत थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण किया था। जांच में विभिन्न बैंकों के 19 रेड जोन और करीब 2500 मोबाइल नंबरों को चिन्हित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान इस फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों द्वारा लोन की जरूरत वाले लोगों का डेटा जुटाकर उन्हें कम ब्याज दर पर आसान लोन दिलाने का लालच देते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उनसे पैसे वसूलते थे। आरोपी पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी भी हासिल कर लेते थे। रकम मिलने के बाद न तो लोन दिलाया जाता था और न ही जमा की गई प्रोसेसिंग फीस वापस की जाती थी।
इस गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर 10 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इस तरीके से कई लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की है। जांच पड़ताल में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कुमार (33 वर्ष), मोहित (24 वर्ष), हर्ष शर्मा (23 वर्ष), स्वाती (27 वर्ष), प्रीती (35 वर्ष),की गयी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित