ग्रेटर नोएडा , जून 08 -- उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर के ग्रेटर नोएडा छपरौला-दादरी औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति एवं अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान को लेकर जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा छपरौला-दादरी औद्योगिक संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

श्रीमती रूपम ने सोमवार को बताया कि, समीक्षा बैठक के दौरान इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को विस्तार से रखा। राष्ट्रीय राजमार्ग-91 पर एनएचएआई द्वारा ड्रेनेज निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। इससे उद्योगों के संचालन, माल की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। एसोसिएशन ने क्षेत्र में जल निकासी, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

जिलाधिकारी ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि औद्योगिक इकाइयों का संचालन सुचारु रूप से जारी रह सके।

उन्होंने एनएचएआई, आईजीएल एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित परियोजनाओं और विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। साथ ही उद्योगों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर संवाद बनाए रखते हुए व्यापारिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने जीएम प्रोजेक्ट, नोएडा प्राधिकरण के बैठक में अनुपस्थित रहने पर असंतोष व्यक्त किया। वहीं अधिशासी अभियंता, यूपीपीसीएल के बिना सूचना बैठक में उपस्थित न होने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए, जिससे विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र जिले की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार हैं और उद्योगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित समीक्षा की जाए और प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) बच्चू सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा छपरौला-दादरी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिल सके।

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