नोएडा , सितंबर 04 -- उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर-113 थाना पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एटीएम कार्ड फंसाकर लोगों के खातों से नकदी निकालने वाले कथित गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक प्लास, दो घरेलू चाकू, एक सफेद थैला, दो मोबाइल फोन और 3,030 रुपये नकद बरामद किए हैं।

शुक्रवार को पुलिस ने बताया कि, तीनों आरोपियों को वेदवन पार्क के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महादेव हल्दर (लगभग 30 वर्ष), साबिर (लगभग 40 वर्ष) और आबिद (लगभग 45 वर्ष) के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे तीनों मिलकर एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में गोंद लगा देते थे, जिससे ग्राहक का एटीएम कार्ड मशीन में फंस जाता था। इसके बाद गिरोह का एक सदस्य एटीएम कक्ष के अंदर रहकर ग्राहक को पिन दर्ज करते समय उसका पासवर्ड देख लेता था।

ग्राहक के एटीएम से बाहर निकलकर चले जाने के बाद आरोपी प्लास और चाकू की मदद से मशीन में फंसा कार्ड निकाल लेते थे। इसके बाद किसी दूसरे एटीएम से उस कार्ड और देखे गए पिन का इस्तेमाल कर नकदी निकालने का प्रयास किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, नकदी निकालने के बाद आरोपी एटीएम कार्ड को तोड़कर नाले या किसी सुनसान स्थान पर फेंक देते थे, ताकि उनका सुराग न मिल सके।

सेक्टर-113 थाना पुलिस ने इस मामले में मु0अ0सं0 377/2026, धारा 303(2)/318(4)/317(2)/3(5) बीएनएस, में अभियोग पंजीकृत किया है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास के बारे में बताया कि,महादेव हल्दर के खिलाफ गाजियाबाद के इन्दिरापुरम थाना, में वर्ष 2018 में धारा 324/504/506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज है।

साबिर के खिलाफ सेक्टर-39 थाना में वर्ष 2026 में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।

आबिद के खिलाफ सदर बाजार थाना सहारनपुर में वर्ष 2025 में धारा 303(2)/318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है।

महादेव हल्दर मूल रूप से दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-8 स्थित जे.जे. कॉलोनी में रह रहा था। साबिर मूल रूप से पूर्णिया, बिहार का निवासी है और वर्तमान में सलारपुर में रहता है। वहीं आबिद कटिहार, बिहार का रहने वाला बताया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित