अमरोहा , अप्रैल 17 -- नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद अमरोहा जिले के औद्योगिक क्षेत्र गजरौला में पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि जिले भर से अतिरिक्त पुलिस बल गजरौला बुलाया गया है और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन को अपर्याप्त बताते हुए श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इस दौरान आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे तथा कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस घटना के बाद अमरोहा प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए गजरौला औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

गजरौला स्थित जुबिलेंट इंग्रेविया, तावी टेवा समेत कई औद्योगिक इकाइयों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आसपास बृहस्पतिवार से ही पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी पंकज त्यागी के नेतृत्व में पीएसी और रिक्रूट आरक्षियों के साथ फ्लैग मार्च भी निकाला गया। संवेदनशील स्थानों, मुख्य मार्गों और फैक्ट्री परिसरों में निगरानी बढ़ा दी गई है। आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस ने श्रमिकों और नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि बाहरी तत्व स्थिति बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं।

उधर, कुछ श्रमिकों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि 11 से 13 हजार रुपये मासिक वेतन में बढ़ती महंगाई के बीच परिवार चलाना कठिन हो गया है। उन्होंने न्यूनतम वेतन 20 हजार से 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग को जायज बताया।

गौरतलब है कि नोएडा की घटनाओं के बाद सरकार ने अंतरिम राहत के रूप में 21 प्रतिशत वेतन वृद्धि की घोषणा की है। इसके बावजूद श्रमिक इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं।

फिलहाल गजरौला की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और प्रशासन किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद है।

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