नोएडा , सितम्बर 01 -- उत्तर प्रदेश में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक नए फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी दी है। करीब Rs.85 करोड़ की लागत से 500 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके तैयार होने के बाद सेक्टर 148 और सेक्टर 150 के बीच सीधा कनेक्टिविटी मार्ग उपलब्ध होगा। इससे आसपास के सेक्टरों में रहने वाले लोगों को एक्सप्रेसवे पार करने के लिए मौजूदा अंडरपास पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
प्राधिकरण की तरफ से मंगलवार को जानकारी साझा की गई जिसमें उन्होंने बताया कि,वर्तमान में सेक्टर 148, 149, 150, 151, 152 और 153 के बीच आने-जाने वाले वाहन एक्सप्रेसवे के नीचे बने अंडरपास का इस्तेमाल करते हैं। सुबह और शाम के पीक आवर में इन अंडरपास पर वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। एक ही मार्ग से बड़ी संख्या में वाहनों के गुजरने के कारण कई बार यातायात धीमा पड़ जाता है और लंबा जाम लग जाता है।
नए फ्लाईओवर के बनने से सेक्टर 148 और 150 के बीच आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक और सीधा मार्ग उपलब्ध होगा। इससे अंडरपास पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
प्राधिकरण की मंजूरी के अनुसार प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई करीब 500 मीटर होगी। परियोजना पर लगभग Rs.85 करोड़ खर्च किए जाएंगे। फ्लाईओवर का उद्देश्य सिर्फ दो सेक्टरों को जोड़ना नहीं, बल्कि एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहे आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना भी है।
फ्लाईओवर बनने से सबसे ज्यादा फायदा सेक्टर 148, 149, 150, 151, 152 और 153 में रहने वाले लोगों और यहां आने-जाने वाले वाहन चालकों को मिलने की उम्मीद है। इन सेक्टरों में आवासीय परियोजनाओं के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से रोजाना सफर करने वाले लोगों का समय बच सकता है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है। एक्सप्रेसवे से जुड़े सेक्टरों में आबादी और यातायात लगातार बढ़ने के कारण स्थानीय कनेक्टिविटी पर भी दबाव बढ़ रहा है। नए फ्लाईओवर के जरिए प्राधिकरण इसी दबाव को कम करने की दिशा में काम कर रहा है।
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