अलवर , अप्रैल 14 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा में चल रहे श्रमिकों के आंदोलन का असर अब राजस्थान में सीमावर्ती क्षेत्र एवं औद्योगिक नगरी भिवाड़ी पर भी नजर आने लगा है।

सोमवार को श्रमिकों ने सुप्राजित इंजीनियरिंग कंपनी में काम बंद करके विरोध प्रदर्शन किया था, तो मंगलवार को सुबह पथरेडी स्थित मदरसन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के श्रमिकों ने काम बंद करके संयंत्र को घेर लिया और कंपनी के द्वार पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हंगामे की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। श्रमिकों को समझने का प्रयास किया जा रहा है। श्रमिकों का आरोप है कि उनके साथ कंपनी में गलत व्यवहार होता है। एक दिन की छुट्टी के 900 रुपये काटे जाते हैं। शौचालय जाने के लिए भी महिलाओं को अनुमति लेनी पड़ती है। कई बार तो शौचालय जाने के लिए पास नहीं मिलने के कारण महिलाओं को परेशानी होती है। सूत्रों ने बताया कि खैरथल-तिजारा के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को श्रमिक असंतोष खुलकर सामने आया। भिवाड़ी के पथरेडी स्थित मदरसन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड संयंत्र के बाहर सेंकड़ों की तादाद में मजदूरों ने एकजुट होकर धरना शुरू कर दिया। सुबह से ही महिला और पुरुष कर्मचारी फैक्ट्री के द्वार पर इकट्टे हो गये एवं जोरदार नारेबाजी करने लगे। जिससे हलचल मच गयी।

सूत्रों ने बताया कि मजदूरों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, काम के घंटों में संतुलन और कंपनी प्रबंधन द्वारा कथित अभद्र व्यवहार पर रोक शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें नौकरी से निकालने की धमकियां देकर दबाव बनाया जाता है, जिससे उनका आक्रोश अब सड़कों पर दिखने लगा है।

उधर, मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। चोपानकी थाना अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मजदूरों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। फिलहाल किसी हिंसा की सूचना नहीं है, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि एक दिन की छुट्टी करने पर उनके वेतन से 900 रुपये काटे जाते हैं। उनके साथ कंपनी में गलत व्यवहार होता है। महिलाओं को शौच जाने की अनुमति नहीं रहती है। कई बार तो शौच के लिए जारी होने वाला पास भी उनको नहीं मिलता है। श्रमिकों ने बताया कि अगर कोई श्रमिक लंबी छुट्टी करता है तो फिर से छुट्टी से लौटने पर उसकी नई भर्ती मानते हुए नया वेतन दिया जाता है।

नोएडा में भी इसी कंपनी के संयंत्र पर श्रमिकों ने प्रदर्शन किया था, जिसकी गूंज अब भिवाड़ी तक पहुंच चुकी है। इससे पहले सोमवार को भिवाड़ी की सुप्राजित इंजीनियरिंग में भी श्रमिक आंदोलन हो चुका है। फिलहाल बातचीत की कोशिश जारी है, लेकिन यह विरोध औद्योगिक क्षेत्र में बड़े बदलाव का संकेत देता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार नोएडा की चल रही खबरों का असर भी नजर आने लगा है। अधिकारियों ने कहा की खबरें वायरल होने के बाद श्रमिक एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। हर राज्य का कानून में नियम अलग है।

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