गौतमबुद्धनगर , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में स्थित समस्त कारखानों, भवन एवं अन्य निर्माण कार्य स्थलों तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं और अधिभोगियों को श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े नए नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

गौतमबुद्धनगर उप निदेशक कारखाना (नोएडा संभाग) बी.के. सिंह ने बुधवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 'उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020' के तहत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'उत्तर प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा नियमावली-2026' को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थलों पर श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना तथा सुरक्षा संबंधी विभिन्न कानूनों को एकीकृत करना है।

नियमावली के तहत जारी प्रमुख निर्देश में कहा गया है कि प्रतिष्ठानों के प्रबंधकों/दखलकारों को सभी कर्मकारों को नियमानुसार लिखित नियुक्ति पत्र जारी करना अनिवार्य होगा, ताकि पारदर्शी कार्य व्यवस्था बनी रहे। 40 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी कर्मचारियों का हर 12 महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य एवं निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी। महिला कर्मकारों को उनकी लिखित सहमति के आधार पर ही रात्रि पाली में कार्य करने की अनुमति होगी। इसके लिए नियोक्ताओं को कार्यस्थल और परिवहन से जुड़े कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे। कार्यस्थल पर होने वाले हादसों और व्यावसायिक जोखिमों को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उपयोग का पूरा दायित्व नियोक्ता पर तय किया गया है।

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