नैनीताल , मई 26 -- उत्तराखंड के नैनीताल जिले में बकरीद (ईद-उल-अजहा) के मौके पर नमाज निर्धारित या अधिकृत स्थलों पर ही अदा की जायेगी। किसी भी सार्वजनिक स्थल या सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जायेगी।
नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में मंगलवार को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी डा0 मंजूनाथ टीसी के अनुसार सभी लोग भाईचारे, सौहार्द और शांति के साथ त्योहार मनाएं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, मानसखंड यात्रा और पर्यटन सीजन चरम पर है, ऐसे में यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि नमाज केवल अधिकृत स्थलों जैसे मस्जिद परिसर और ईदगाह में ही अदा की जाएगी। किसी भी सार्वजनिक स्थल, पार्क, मैदान या सड़क पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन कर शांति व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बकरीद के मौके पर कुर्बानी को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया कि कुर्बानी केवल निर्धारित और बंद स्थानों पर ही की जाएगी। किसी भी हालत में सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कुर्बानी प्रक्रिया की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुर्बानी के बाद अवशेषों का नियमानुसार निस्तारण किया जाए और साफ-सफाई बनाए रखना संबंधित लोगों की जिम्मेदारी होगी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की ओर से भी नैनीताल के डीएसए मैदान में नमाज पढ़ने से इनकार किया गया है। उन्होंने साफ साफ कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर नमाज अदा नहीं की जाएगी।
एसएसपी ने आगे बताया कि पुलिस, प्रशासन, सीएलजी और शांति समिति के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक प्रचार फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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