नैनीताल , मार्च 12 -- उत्तराखंड के नैनीताल जिले में गर्मी के मौसम के दौरान आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए फायर विभाग ने पहले से ही अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए संसाधनों को सुदृढ़ करने के साथ समन्वय व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) गौरव किरार ने गुरुवार को बताया कि जिले में वर्तमान में 19 वाटर कैनन और करीब 100 वाटर हाइड्रेंट उपलब्ध हैंज़ इन सभी वाटर हाइड्रेंट को इस बार जीपीएस लोकेशन के साथ जोड़ा गया है, साथ ही संबंधित ऑपरेटरों के मोबाइल नंबर भी सिस्टम से लिंक किए गए हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नजदीकी फायर हाइड्रेंट से तुरंत पानी लेकर आग बुझाने की कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि गर्मियों में अक्सर जंगलों और शहरी क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में फायर विभाग ने संभावित जोखिम को देखते हुए पहले से ही रणनीति तैयार कर ली है और संसाधनों को अपडेट किया जा रहा है।
सीएफओ के अनुसार, किसी भी बड़ी आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए एयरफोर्स सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं के साथ भी फायर विभाग का समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संयुक्त रूप से कार्रवाई की जा सके।
फायर विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि गर्मी के मौसम में आग से संबंधित घटनाओं को लेकर सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें।
उन्होंने बताया गर्मी के मौसम को देखते हुए फायर विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में मौजूद वाटर कैनन और फायर हाइड्रेंट को जीपीएस लोकेशन से जोड़ा गया है ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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