नैनीताल , मार्च 13 -- नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने शुक्रवार को लैंड फ्रॉड के दो आरोपियों की जमानत ख़ारिज कर दी। इन दोनों आरोपियों ने फर्जी नामों व दस्तावेजों से नैनीताल के बसगांव रामगढ़ स्थित करीब 13 नाली जमीन बेच दी थी।

इस मामले में बसगांव निवासी दर्शन पाठक व अन्य ने छह जुलाई 2025 को भवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि खीमसिंह व शंकर सिंह ने बसगांव निवासी जयकिशन जोशी व मुरलीधर जोशी के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फ्रॉड किया। जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपनी जमीन, ढोकाने निवासी मोहन सिंह व अन्य को फर्जी दस्तावेज बनाकर को बेच दी थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब दाखिल खारिज की प्रक्रिया शुरू हुई । तब जयकिशन व मुरलीधर नाम के व्यक्ति गांव में नहीं मिले।

इस मामले की जांच के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), जिलाधिकारी व कुमाऊं आयुक्त की रिपोर्ट के बाद लैंड फ्रॉड की पुष्टि हुई। जिसमें पता चला कि जयकिशन व मुरलीधर नाम से धोखाधड़ी कर खीमसिंह व शंकर सिंह ने ढोकाने निवासी मोहन सिंह व अन्य को यह जमीन बेच दी। आरोपियों ने इंदिरानगर लखनऊ के नाम से जो पता दिया वह भी फर्जी था। आरोपियों ने रजिस्ट्री में अपनी आयु 36 व 26 साल दिखाई थी।

आरोपी खीमसिंह व शंकर सिंह (बागेश्वर निवासी) की जमानत याचिका की जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील शर्मा ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह लैंड फ्रॉड का बड़ा मामला है, जिसमें करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस आधार पर कोर्ट ने आरोपियों की जमानत खारिज कर दी।

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