लखनऊ , जनवरी 12 -- उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा और नैतिक मूल्य परस्पर पूरक हैं तथा केवल डिग्री आधारित शिक्षा समाज को सही दिशा नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा सदैव चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित रही है।
सोमवार को उच्च शिक्षा मंत्री ने लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कला, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित 21 पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने की। यह विमोचन विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की महत्त्वाकांक्षी योजना 'भारत बौद्धिक्स' के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया।
मुख्य अतिथि मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को भारत के सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण का माध्यम बताते हुए कहा कि यह नीति भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं और कौशल आधारित शिक्षा को केंद्र में रखती है।
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