जयपुर , मई 17 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा है कि शिक्षा से ही समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है और यदि नैतिकता के भाव मन में रहते तो पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होती।
श्री बागडे ने रविवार को विद्या भारती, राजस्थान द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए नयी शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों के मन में नैतिकता की शिक्षा का प्रसार किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में लॉर्ड थॉमस मैकाले ने देश में ऐसी शिक्षा के बीज डाले कि जैसे हम सदा गुलाम मानसिकता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से अब उस गुलाम मानसिकता से मुक्ति की राह निकली है।
उन्होंने नए भारत के निर्माण का अर्थ गांव और गरीब लोगों के लिए समय देकर उनके कार्य करना बताते हुए कहा कि प्रशासनिक पदों पर चयनित अधिकारी पिछडे और कमजोर वर्ग के लोगों की समस्याओं के समाधान का विशेष ध्यान रखें ।
राज्यपाल ने कहा कि डिग्री लेना ही पर्याप्त नहीं है, जरूरी यह भी है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी युवा प्रतिबद्ध होकर तैयारी करें। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा, उदयपुर, डुंगरपुर आदि में पचास प्रतिशत से अधिक जनजातीय लोग रहते हैं। उन्होंने आदिवासी, घुमंतू और गरीब लोगों की शिक्षा की नींव मजबूत किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि इसी से वे मुख्यधारा में आ सकेंगे।
उन्होंने समारोह में राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 59 नव चयनित और तीन नव चयनित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में चयनित अधिकारी सदा विनम्र रहें। इसी से वे उच्चतम शिखर पर भविष्य में पहुंच सकेंगे। उन्होंने कतार के अंतिम छोर पर स्थित व्यक्ति की आवाज सुनने को सदा प्राथमिकता देने, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार अच्छा रखने और शहर के लोगों की समस्याओं का समाधान प्रभावी रूप में किए जाने का आह्वान किया।
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