नयी दिल्ली , जून 10 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने संबंधी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दावों को खारिज करते हुए बुधवार को कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ही देश में सबसे लंबे समय तक और लगातार प्रधानमंत्री पद पर कार्यरत रहे हैं।
श्री खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में मोदी सरकार पर इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि पंडित नेहरू न सिर्फ सबसे लंबे समय तक बल्कि लगातार सबसे अधिक समय तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं। उनका कहना था कि श्री मोदी के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का केवल प्रचार किया जा रहा है और उनकी सरकार के पास उपलब्धियों के नाम पर सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट और बनावटी अवधारणा के अलावा कुछ नहीं बचा है।
उन्होंने कहा, "इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने से सच्चाई नहीं बदलती। भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले भी वही थे। श्रीमती इंदिरा गांधी दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल वाली प्रधानमंत्री रहीं। अब भाजपा को यह साबित करने के लिए नया और हास्यास्पद वर्ग बनाना पड़ रहा है कि 'स्वतंत्र भारत के आम चुनावों के बाद सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री' कौन है।"श्री खरगे ने कहा कि देश को सच बताया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "जरा देश को यह भी याद दिलाइए कि सरदार वल्लभभाई पटेल किसके मंत्रिमंडल में उपप्रधानमंत्री थे। डॉ. भीमराव आंबेडकर किसके मंत्रिमंडल में कानून मंत्री थे और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तक किसके मंत्रिमंडल में मंत्री रहे थे।'उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने केवल नारेबाजी की है और देश की जनता को महंगाई, बेरोजगारी तथा भ्रष्टाचार के जाल में फंसाकर रखा है। उन्होंने कहा कि 15 लाख रुपये, हर साल दो करोड़ नौकरियां, किसानों की आय दोगुनी, पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, बुलेट ट्रेन, स्मार्ट सिटी, हर घर जल, नमामि गंगे, स्वच्छ भारत, पीएम किसान, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, मुद्रा लोन और अन्य योजनाओं के संबंध में किए गए दावों पर सरकार अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत, महंगाई नियंत्रण, बेरोजगारी कम करने, एमएसएमई क्षेत्र की सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने, कोविड प्रबंधन, प्रवासी मजदूर संकट के समाधान, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने, संघीय ढांचे की रक्षा, संस्थाओं की विश्वसनीयता कायम रखने, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा अवैध घुसपैठ रोकने जैसे मुद्दों पर भी सरकार विफल रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित