भोपाल , मार्च 11 -- मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों में 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी, जिसमें बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के प्रकरणों का समझौते के माध्यम से निराकरण किया जाएगा।

कंपनी ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों तथा विशेष न्यायालयों में विचाराधीन मामलों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं और उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क कर समझौते का लाभ लें।

कंपनी के अनुसार निम्नदाब श्रेणी के घरेलू, कृषि, पांच किलोवॉट तक के गैर घरेलू तथा दस अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं से संबंधित प्रकरणों में छूट प्रदान की जाएगी।

प्रि-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व राशि पर 30 प्रतिशत की छूट तथा भुगतान में विलंब पर लगने वाले ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं लिटिगेशन स्तर पर आकलित सिविल दायित्व राशि पर 20 प्रतिशत तथा ब्याज राशि पर 100 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।

कंपनी ने बताया कि यह छूट कुछ नियम और शर्तों के तहत आकलित सिविल दायित्व राशि 10 लाख रुपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी और यह सुविधा केवल 14 मार्च 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में समझौते करने पर ही लागू होगी।

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