नयी दिल्ली , अप्रैल 30 -- अवरुद्ध ऋणों के समाधान की एक कारगर व्यवस्था के रूप में उभर रही नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) ने मार्च 2026 तक 33 ऋणी इकइयों का अधिग्रहण किया है, जिन पर कुल 1,65,862 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था।
एनएआरसीएल दिवाला संहिता प्रक्रिया के कुछ मामलों में भी भाग लिया है, जिससे समग्र समाधान पारिस्थितिकी तंत्र में इसकी भूमिका और मजबूत हुई है।
वित्त मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में एनएआरसीएल के प्रयासों में उल्लेखनीय तेजी देखी गयी और 4,364 करोड़ रुपये के अवरुद्ध ऋणों की वसूली हुई। यह उसके द्वारा संचयी रूप से की गयी कुल वसूली का लगभग 70 प्रतिशत है।
कंपनी ने अब तक 23 खातों में वसूली की है, जिससे संचयी रूप सेे कुल 6,345 करोड़ रुपये वसूल हुए हैं। यह इन खातों का अधिग्रहण करने की उसकी लागत के 48 प्रतिशत से अधिक है और उन खातों में अभी आगे भी वसूली जारी है। तीन खातों का पूरी तरह से समाधान कर दिया गया है, जिनसे अधिग्रहण मूल्य के 148 प्रतिशत, 115 प्रतिशत और 183 प्रतिशत के बराबर की वसूली है, यह ऋणदाताओं के लिए मूल्य अधिकतम और सकारात्मक परिणामों को प्रदर्शित करता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित