महराजगंज , जुलाई 13 -- नेपाल में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश का असर उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की नदियों पर दिखाई देने लगा है। महाव नाला खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रहा है, जबकि गंडक नदी खतरे के स्तर से करीब तीन मीटर नीचे है। चंदन और प्यास नदियों के जल स्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है और ये दोनों नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। नदियों के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए तटबंधों के किनारे बसे लोगों में बाढ़ की आशंका बढ़ने लगी है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार महाव नाले का खतरे का स्तर पांच मीटर निर्धारित है, जबकि वर्तमान में इसका जल स्तर छह मीटर दर्ज किया गया है। गंडक नदी का जल स्तर 109 मीटर पर है, जबकि इसका खतरे का निशान 112 मीटर है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार रोहिन नदी 79 मीटर पर बह रही है और इसका खतरे का स्तर 82 मीटर है। राप्ती नदी का जल स्तर 76 मीटर है, जबकि इसका खतरे का निशान 80 मीटर निर्धारित है। चंदन नदी 99 मीटर पर बह रही है और इसका खतरे का स्तर 101 मीटर है। इसी प्रकार प्यास नदी 101 मीटर पर बह रही है, जबकि इसका खतरे का निशान 102 मीटर है।
अधिकारियों का कहना है कि जिले की नदियों का जल स्तर नेपाल में होने वाली वर्षा पर निर्भर करता है। नेपाल में अधिक बारिश होने पर इसका सीधा असर भारतीय क्षेत्र की नदियों पर पड़ता है। महाव तटबंध पर भी नेपाल से अधिक पानी आने के कारण दबाव बढ़ जाता है। बीते बृहस्पतिवार को महाव तटबंध का एक हिस्सा टूट गया था, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया था। बाद में इसकी मरम्मत कराई गई, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठे।
जिला प्रशासन ने नदियों के जल स्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए संबंधित विभागों को तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग का दावा है कि जिले के सभी तटबंध सुरक्षित और मजबूत स्थिति में हैं तथा उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से ए-गैप और बी-गैप तटबंधों पर प्रशासन की पैनी निगाह बनी हुई है, क्योंकि नेपाल से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में इन पर दबाव बढ़ जाता है।
सिंचाई खंड-दो के अधिशासी अभियंता राजीव कपिल ने बताया कि जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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