काठमांडू , अगस्त 30 -- नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आयी विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान के तहत अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 797 हो गयी है तथा दोनों देशों में कुल 3048 लोग अब भी लापता हैं।

नेपाल सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 8,186 लोगों को बचाया गया है, जबकि हेलीकॉप्टर अभियान के ज़रिए 279 हाइड्रोपावर कर्मचारियों और 227 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। नेपाल में जहां 2,502 लोग अब भी लापता हैं, वहीं चीन के कब्जे वाले तिब्बत में 546 लोग लापता हैं। नेपाल में 781 और तिब्बत में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण की रविवार शाम छह बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न बाढ़ प्रभावित जिलों से अब तक 781 शव और मानव अवशेष बरामद किये गये हैं। बाढ़ के पानी में बहकर कई शव घटनास्थल से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक पहुंच गये, जिसके कारण अलग-अलग जिलों में उनकी बरामदगी हुई है।

सबसे ज्यादा 272 शव चितवन से बरामद हुए हैं। इसके बाद पूर्वी नवलपरासी में 199, पश्चिमी नवलपरासी में 100, गोरखा में 58, नुवाकोट में 52, धादिंग में 50, तनाहूं में 37 और रसुवा में 13 शव बरामद किये गये हैं। लापता लोगों की संख्या सबसे ज्यादा रसुवा में है, जहां जिला प्रशासन के मुताबिक 562 लोग अब भी लापता हैं। नुवाकोट में 115 और मकवानपुर में 65 लोगों के लापता होने की सूचना है।

लापता लोगों में एक जलविद्युत परियोजना से जुड़े 933 लोग, 592 विदेशी नागरिक और उनके साथ यात्रा कर रहे 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा 83 सुरक्षाकर्मियों के लापता होने की सूचना है, जिनमें नेपाली सेना के 45, नेपाल पुलिस के 25 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान शामिल हैं। सरकार के मुताबिक, आपदा में अब तक 267 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 156 इलाज के बाद अस्पताल में घर लौट चुके हैं।

बचाव अभियान में सुरक्षा बलों के करीब 20,618 जवान लगाये गये हैं। इनमें नेपाली सेना के 8,521, नेपाल पुलिस के 7,894 और सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 जवान शामिल हैं। बचाव अभियान में हेलीकॉप्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दो दिनों के अभियान के दौरान जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग में फंसे 279 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा 254 विदेशी नागरिकों को भी हेलीकॉप्टरों के जरिये बचाया गया।

बड़ी संख्या में शवों की बरामदगी के बाद उनकी पहचान करना प्रशासन के लिए एक नयी चुनौती बन गया है। अज्ञात शवों को सुरक्षित रखने और उनकी पहचान की प्रक्रिया के लिए अलग-अलग जिलों के 21 अस्पतालों में भेजा गया है।

नेपाल सरकार ने सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और आर्थिक सहायता पहुंचाना भी शुरू कर दिया है। रसुवा और नुवाकोट को 10-10 करोड़ नेपाली रुपये, जबकि धादिंग को पांच करोड़ नेपाली रुपये की सहायता दी गयी है। इसके अलावा 15 स्थानीय इकाइयों को कुल 67.5 करोड़ नेपाली रुपये वितरित किये गये हैं।

सरकार ने खाद्य और गैर-खाद्य सामग्री लेकर 37 ट्रक रवाना किये हैं। राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सात हेलीकॉप्टर उड़ानों का भी इस्तेमाल किया गया। उत्तरगया और धुंचे में शनिवार को हवाई मार्ग से दो टन खाद्य सामग्री पहुंचायी गयी।

बचाव और भारी मशीनरी के संचालन के लिए नुवाकोट में ईंधन का भंडार भी रखा गया है। वहां 36 हजार लीटर डीजल और 24 हजार लीटर पेट्रोल उपलब्ध है। बचाव अभियानों के दौरान अब तक करीब 25 हजार लीटर विमान ईंधन इस्तेमाल हो चुका है और 14 हजार लीटर भंडार में बचा है।

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