कुशीनगर , अगस्त 27 -- नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोसी नदी में आई बाढ़ से जन-धन की भारी क्षति और इसके बाद नारायणी नदी में शव एवं अन्य सामग्री बहकर कुशीनगर के नदी क्षेत्र में आने की सूचनाओं के मद्देनजर जिला प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने गुरुवार को बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी खड्डा एवं तमकुहीराज तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नदी के तेज बहाव में स्थानीय लोगों द्वारा शव अथवा बाढ़ के पानी के साथ बहकर आने वाली सामग्री को निकालने का प्रयास किए जाने से जान का खतरा हो सकता है। इसे देखते हुए सार्वजनिक चेतावनी, मुनादी और अन्य प्रचार माध्यमों से लोगों को नदी में नहीं जाने की सख्त हिदायत देने को कहा गया है। संवेदनशील नदी क्षेत्रों, घाटों और संभावित प्रभावित स्थानों पर पुलिस एवं होमगार्ड जवानों की तैनाती कर लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नारायणी नदी में कोई अज्ञात शव मिलने पर उसे सुरक्षित एवं सम्मानजनक तरीके से नदी से बाहर निकालकर नियमानुसार पहचान और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार शव वाहन तथा अन्य व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित रखने को कहा गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शवों को नदी से निकालने के दौरान किसी अधिकारी, कर्मचारी या स्थानीय व्यक्ति की जान जोखिम में नहीं पड़नी चाहिए। इसके लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर जिले में तैनात एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड बटालियन की मदद ली जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि नेपाल की ओर से बाढ़ के पानी के साथ विभिन्न प्रकार की सामग्री और वस्तुएं भी बहकर आने की संभावना है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी संदिग्ध, संवेदनशील अथवा अज्ञात वस्तु को आमजन छुएं या उठाएं नहीं। ऐसी वस्तु दिखाई देने पर तत्काल पुलिस अथवा संबंधित सुरक्षा अधिकारियों को सूचना दी जाए, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

नदी में शव अथवा अन्य महत्वपूर्ण या संवेदनशील सामग्री मिलने से संबंधित प्रत्येक सूचना का दिनांक, समय, स्थान और अन्य आवश्यक विवरण के साथ पृथक रजिस्टर में फोटोग्राफ सहित अभिलेखीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक घटना की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों और आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी सूचना को हल्के में न लिया जाए और सूचना मिलते ही त्वरित, समन्वित एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में तेज बहाव वाली नदी में प्रवेश न करें। शव अथवा संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर उसे स्वयं निकालने या छूने के बजाय तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दें। संबंधित अधिकारियों को सभी सूचनाएं समय से आपदा नियंत्रण कक्ष, कुशीनगर को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित