मुंबई , अगस्त 27 -- महाराष्ट्र के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) ने कहा है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत इलाके में आई भयानक बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के 80 से ज़्यादा नागरिक वहाँ फँसे हुए हैं।

एसईओसी गुरुवार को सुबह 10 बजे तक की अपनी स्टेटस रिपोर्ट में बताया कि यह आँकड़ा शुरुआती जानकारी पर आधारित है और इसकी पुष्टि की जा रही है। एजेंसी ने बताया कि फँसे हुए नागरिकों में से 57 लोगों ने 'रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड' के ज़रिए यात्रा की थी।

एसईओसी के अनुसार कि फँसे हुए लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए एक वेब-बेस्ड लिंक बनाया गया है और इस लिंक को सभी ज़िलों में भेजा गया है और अलग-अलग माध्यमों से इसका प्रचार भी किया गया है। सभी ज़िला कलेक्टरों को फँसे हुए नागरिकों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और उसकी पुष्टि करने का निर्देश दिया गया है।

एसईओसी ने बताया कि इस संबंध में एक विज्ञप्ति जारी की गयी है और लोगों की पूछताछ के लिए एक हेल्प डेस्क बनाया गया है, जिसके हेल्पलाइन नंबर 9321587143 / 1070 / 022-22027990 है।

एसईओसी ने 'रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड' से संपर्क किया है, जिसके ज़रिए 57 नागरिकों की यात्रा का इंतज़ाम किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक चार नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। इस संबंध में वेब-बेस्ड फ़ॉर्म के ज़रिए जानकारी इकट्ठा करने का काम जारी है।

एसईओसी कहा कि संबंधित ज़िलों के ज़रिए और पुष्टि की जाएगी, ट्रैवल एजेंसियों और परिवारों के साथ लगातार तालमेल बिठाया जाएगा, और उपलब्ध जानकारी को केंद्रीय गृह मंत्रालय के 'एकीकृत नियंत्रण कक्ष - आपातकालीन प्रतिक्रिया ' के साथ साझा किया जाएगा।

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