चेन्नई , अगस्त 29 -- नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से बचाए गए तमिलनाडु के कुल 21 तीर्थयात्रियों का शुक्रवार देर रात चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचने पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री आनंद ने उनका भावुक स्वागत किया।
श्री आनंद ने कहा कि 106 पर्यटकों में से बाकी बचे 85 लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित राज्य वापस लाने की कोशिशें जारी हैं। ये 21 तीर्थयात्री 57 लोगों के उस समूह का हिस्सा हैं (जिसमें पुडुचेरी के तीन लोग भी शामिल थे) जो कुंभकोणम से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए निकले थे और बाढ़ में फंसने के बाद बचाए गए थे। चेन्नई के 49 अन्य यात्री - यानी तमिलनाडु से कुल 106 यात्री - या तो फंसे हुए थे या लापता बताए गए थे और राज्य के अन्य पर्यटकों के साथ-साथ उनका पता लगाने की कोशिशें की जा रही थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक आपदा के तीन दिन बाद भी राज्य के लापता यात्रियों से संपर्क नहीं हो पाया है।
मंत्री ने काठमांडू से नयी दिल्ली पहुंचने पर तीर्थयात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र और तमिलनाडु सरकारों, विदेश मंत्रालय तथा नेपाल में भारतीय दूतावास द्वारा उठाए गए कदमों की बदौलत बाकी तीर्थयात्रियों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
भावुक स्वागत के बीच पहुंचे तीर्थयात्रियों ने अपनी सुरक्षित वापसी और चेन्नई पहुंचने को सुनिश्चित करने में तेज़ी से काम करने के लिए राज्य और केंद्र सरकारों का धन्यवाद किया।" इन तीर्थयात्रियों ने उन डरावने पलों का जिक्र किया और कहा कि वे बाल-बाल बचे हैं और उन्हें सेना के कैंप में ले जाया गया था। उन्होंने इसे दूसरा जन्म बताया। सेना के कैंप से उन्हें काठमांडू ले जाया गया, जहाँ से कल दोपहर इंडिगो की उड़ान से उन्हें दिल्ली लाया गया।
दिल्ली पहुंचने पर वे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मिले और केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों और मदद के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। बाद में, वे दिल्ली में तमिलनाडु हाउस पहुंचे और वहां मौजूद मंत्रियों से मिले, जिन्होंने उनकी चेन्नई तक की सुरक्षित यात्रा का इंतजाम किया।
हवाई अड्डे पर स्वागत के बाद ये 21 तीर्थयात्री अपने-अपने घर के लिए रवाना हो गए और तमिलनाडु सरकार ने उनके लिए परिवहन का उचित इंतज़ाम किया है।
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