महराजगंज , अगस्त 29 -- नेपाल में बीते दिनों आई जल प्रलय के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती महराजगंज जिले में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी है। राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने के साथ ही प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विशेष टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं।
प्रशासन के अनुसार जिले की सभी नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। जिले की प्रमुख नदी गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे है, जबकि महाव नाला खतरे के निशान से करीब एक फीट नीचे बह रहा है। नेपाल से बहकर आए चार शवों की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। शवों की पहचान के लिए नेपाली प्रशासन से संपर्क किया जा रहा है।
नेपाल में बागमती, कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में भी बाढ़ का अलर्ट है। विभिन्न बैराजों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण तराई क्षेत्रों में जलभराव और कटाव का खतरा बढ़ गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष (सिंचाई खंड-2) की रिपोर्ट के अनुसार महराजगंज जिले और नेपाल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। अधिकांश नदियों में जलस्तर नियंत्रण में है, हालांकि कुछ प्रमुख बैराजों और नालों में जलस्तर एवं डिस्चार्ज में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है।
वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1,02,100 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है, जिसमें बढ़ोतरी हो रही है। अपस्ट्रीम का जलस्तर 110.41 मीटर और डाउनस्ट्रीम का जलस्तर 106.89 मीटर दर्ज किया गया है। त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी का जलस्तर 78.38 मीटर पर स्थिर है, जो खतरे के निशान 82.44 मीटर से काफी नीचे है। रतनपुर स्थित रोहिन बैराज से 1,038 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
महाव नाले का जलस्तर बढ़कर चार फीट हो गया है, जबकि इसका खतरे का निशान पांच फीट है। रिगोली में राप्ती नदी का जलस्तर 76.42 मीटर और प्यास नदी का जलस्तर 100.80 मीटर दर्ज किया गया है तथा दोनों में गिरावट दर्ज की जा रही है।
प्रशासन ने बताया कि जिले की सभी नदियों और तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल जिले में बाढ़ की स्थिति सामान्य और नियंत्रण में बनी हुई है।
जिलाधिकारी महराजगंज गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। किसी भी तरह की हलचल पर तत्काल नजर रखने के लिए टीमें तैनात की गई हैं। सोहगीबरवा क्षेत्र के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित