काठमांडू , सितंबर 4 -- नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के दसवें दिन शुक्रवार शाम जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ के बाद से अब तक 1,294 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 5,053 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत अभियानों के दौरान 13,095 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है और 5,663 लोग घायल हुए हैं।
नेपाल के सरकारी आंकड़ों के अनुसार बरामद शवों में से केवल 96 की ही अब तक शिनाख्त कर उन्हें परिजनों को सौंपा जा सका है। आपदा से प्रभावित 4,627 लोग विभिन्न केंद्रों में शरण लिए हुए हैं। इस बीच, राहत कार्य के लिए 21,421 सुरक्षाकर्मियों जुटे हुए हैं और प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस आपदा से कुल 3 खरब 87 अरब 54 करोड़ नेपाली रुपये के नुकसान का अनुमान है।
बाढ़ के कारण जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। त्रिशूली-3 'ए' में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस और विशेषज्ञों के दल ने दो लोगों को जीवित बचाकर बीरेंद्र अस्पताल छावनी में भर्ती कराया है। यहां से एक शव भी निकाला गया है। इसी तरह त्रिशूली-3 'बी' में मशीन से मलबा हटाकर रास्ता बनाया जा रहा है और चिलिमे और अपर त्रिशूली-1 परियोजनाओं में जेनेरेटर, पंप और बोट की मदद से पानी तथा गाद हटाकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और मानसिक सहयोग के लिए भी कई तरह पहल शुरूकी गई हैं। नेपाल विद्यार्थी संघ (नेविसंघ) ने नुवाकोट के होल्डिंग सेंटरों में बाढ़ प्रभावितों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण, मुफ्त दवा वितरण और मनोपरामर्श शिविर की शुरुआत की है।
कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए वैकल्पिक बॉर्डर पॉइंट खोलने की कूटनीतिक पहल पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा सरकार ने बाढ़ से प्रभावित पर्यटन क्षेत्र को हुए नुकसान का पता लगाने और पुनर्वास कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए नुकसान की जानकारी इकट्ठा करने, वैकल्पिक सड़कों और ट्रेकिंग रूट की तलाश करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानकारी के आदान-प्रदान को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
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