पटना , अप्रैल 12 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार नेत्र रोगों की रोकथाम, जांच एवं उपचार के प्रति पूरी तरह सजग है और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आमजनों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि राज्य में प्रखंड स्तर तक कुल 455 स्वास्थ्य संस्थानों में नेत्र परीक्षण एवं निःशुल्क चश्मा वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक 10,81,928 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया, जिनमें से 2,73,264 दृष्टिदोष से पीड़ित मरीजों को निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ करायी है।

मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि राज्य के 26 जिला अस्पतालों सहित राजेन्द्र नगर स्थित अतिविशिष्ट नेत्र अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि 11 महीनों (अप्रैल 2025 से फरवरी 2026) में छह लाख 11 हजार से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 5,55,000 ऑपरेशन के लक्ष्य के विरुद्ध फरवरी 2026 तक 6,11,889 ऑपरेशन कर राज्य ने तय लक्ष्य को पार कर लिया है। बिहार में नेत्र सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए नेत्र सहायक के 220 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शीघ्र ही चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा, जिससे मरीजों को और अधिक सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी।

श्री पांडेय ने कहा कि आमजनों को उन्नत नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजेन्द्र नगर स्थित अतिविशिष्ट नेत्र अस्पताल कार्यरत है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) परिसर में क्षेत्रीय चक्षु संस्थान का नया भवन भी क्रियाशील है, जहां अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा आई बैंक का संचालन भी किया जा रहा है। पीपीपी मोड में शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया के सहयोग से कंकड़बाग, पटना में एक और अतिविशिष्ट नेत्र अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके पूर्ण होने पर राज्य के गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को उच्च स्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाएं और अधिक सुलभ होंगी। पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में वर्तमान सरकार ने नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। इसके परिणामस्वरूप आज राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नेत्र रोगियों को बेहतर एवं निःशुल्क उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

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