गोरखपुर , अप्रैल 23 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो नियति बदलने में देर नहीं लगती है और करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो और नीयत भी उसी के अनुरूप हो तो परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई देती हैं जिसका प्रमाण गोरखपुर में नौ वर्षों के अंदर आया विकासपरक परिवर्तन है।

योगी गुरुवार पूर्वाह्न गोरखपुर के राप्ती नदी के एकला बंधे पर लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क, नौसढ़.मलौनी फोरलेन सड़क सहित विकास की 1055 करोड़ रुपये की लागत वाली 497 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता टूलकिट और कैलेंडर का अनावरण कर स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया।

लोकार्पण.शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अच्छा करने की इच्छाशक्ति हो तो बहुत कुछ परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने एकला बंधे पर ईको पार्क के रूप में हुए नए कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि वाराणसी या लखनऊ की तरफ से गोरखपुर प्रवेश करते ही सबसे पहला मुकाबला कचरे से होता था। बहुत भद्दा और बहुत बुरा लगता था पर करने की इच्छाशक्ति से धीरे.धीरे परिवर्तन होता गया। उन्होंने कहा कि आज से 30.35 वर्ष पहले आज जहां ट्रांसपोर्टनगर बना है पहले गोरखपुर का सारा कचरा वही डंप होता था। नगर निगम ने उसका समाधान किया तो आज वहां ट्रांसपोर्टनगर है, बेहतरीन मार्केट और गोरखपुर की मंडी है। ट्रांसपोर्टनगर बन जाने के बाद कचरा एकला बंधे पर गिराया जाने लगा। इसका परिणाम हुआ, वायु प्रदूषण, जमीन में जहर, नदी प्रदूषण और भूजल स्तर पर भी प्रभाव। इसके चलते एनजीटी भी जुर्माना लगाती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत से नियति को बदला गया और बेहतरीन ईको पार्क तैयार हो गया।'गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदल दिया नगर निगम ने' ईको पार्क के विकास के लिए नगर निगम की पूरी टीम की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदलने का काम किया है। 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर बनाया गया ईको पार्क पूरे परिवार के लिए पिकनिक स्पॉट और बेहतरीन पर्यटन स्थल बन गया है। यहां पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क है। योग और ध्यान की क्रिया के लिए व्यक्ति यहां आराम से बैठ सकता है। उन्होंने कहा कि यह जो परिवर्तन आया है वह गोरखपुर के विकास का मजबूत विश्वास और यहां की टीम के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।

योगी ने कहा कि इच्छा शक्ति और साफ नीयत के कारण बीते नौ वर्षों में गोरखपुर में हर क्षेत्र में बदलाव हुआ है। गोरखपुर ने रोड कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, उद्योग, रोजगार सहित हरेक क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। पहले जहां खेलने की सुविधा नहीं थी आज गोरखपुर में कई मिनी स्टेडियम बने हैं। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में एक इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र बने हैं। यहां चार विश्वविद्यालय है। गोरखपुर में खाद कारखाना भी चल गया है और पिपराइच में चीनी में मिल भी लग गई है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, दक्षिणांचल सहित जिले में बाढ़ की समस्या का भी तेजी से समाधान हो रहा है।

योगी ने ईको पार्क के सामने से नौसढ़.मलौनी फोरलेन सड़क को नौसढ़ की जाम की समस्या का समाधान करने का माध्यम बताते हुए कहा कि करीब तीन किमी लंबे इस फोरलेन से लखनऊ और वाराणसी मार्ग पर आने जाने के लिए आवागमन और भी सुगम हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर नगर में जहां पहले पानी भरता था आज वहां बेहतर नालियां है। जहां पहले अंधेरा थाए आज वहां एलइडी स्ट्रीट लाइट की रोशनी है। जहां लोगों के सामने पेयजल की समस्या थीए वहां आज शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हुई है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बिजली नहीं मिलती थी। अब इस एकला तटबंध पर जो भी बिजली जलेगीए वह सोलर एनर्जी होगी। इसके लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। यह भी नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किया गया एक बेहतरीन प्रयास है। यहां पर जो सिटी फॉरेस्ट लगाया गया हैए यह अपने आप में पूरे क्षेत्र को अत्यंत हरियाली से युक्त करके प्रदूषण से मुक्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। जहां पहले समस्या थी आज वहां पर गोरखपुर महानगर ने समाधान दिया है।

योगी ने कहा कि आज जो भी यूपी में आता है उसको प्रदेश के अंदर कुछ बदलाव देखने को मिलता है। सेफ और स्मार्ट सिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है और इसी के अनुरूप प्रदेश के सभी नगर निगम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश में सीएम ग्रिड के तहत स्मार्ट सड़कें बन रही हैं। सभी वार्डों में ग्रीन बेल्ट एंड मिनी फॉरेस्टेशन के कार्य को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और पार्कों के सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है। मलिन बस्तियों का विकास किया जा रहा है। खुली नालियों को बेहतरीन तरीके से ढकने का काम किया जा रहा है। समुचित जल निकासी के प्रबंध किए जा रहे हैं।

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